महाराष्ट्र सरकार अपनी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का दायरा बढ़ाने को प्रयासरत: मंत्री

महाराष्ट्र सरकार अपनी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का दायरा बढ़ाने को प्रयासरत: मंत्री

महाराष्ट्र सरकार अपनी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का दायरा बढ़ाने को प्रयासरत: मंत्री
Modified Date: June 29, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: June 29, 2026 5:53 pm IST

मुंबई, 29 जून (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि वह अपनी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत अधिक अस्पतालों को शामिल करने के प्रयास कर रही है और इस संबंध में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के साथ ‘सेवन हिल्स अस्पताल’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगी।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोर्डिकर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार ने चैरिटेबल और बड़े निजी अस्पतालों को महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गरीब मरीजों को कैशलेस इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रमुख अस्पतालों के साथ कई बैठकें की हैं और उन्हें इस योजना से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

चर्चा के दौरान शिवसेना के मुरजी पटेल ने शिकायत की कि कई अस्पताल अब भी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को लागू नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण मरीजों को 20-25 लाख रुपये तक के भारी-भरकम बिल चुकाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सभी चैरिटेबल अस्पताल राज्य प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से प्रदान करें।

बीएमसी द्वारा सेवन हिल्स अस्पताल को निजी संचालक को देने की कथित योजना पर चिंता जताते हुए कांग्रेस विधायकों अमीन पटेल और असलम शेख ने मांग की कि यह अस्पताल गरीबों और स्थानीय नागरिकों की सेवा में बना रहना चाहिए और इसका निजीकरण नहीं किया जाना चाहिए।

मंत्री बोर्डिकर ने कहा कि सेवन हिल्स अस्पताल का प्रशासन बीएमसी के अधीन है, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बीएमसी अधिकारियों के साथ बैठक करेगी और सदस्यों की चिंताओं पर विचार करेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि एपेक्स अस्पताल जैसे संस्थान कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत कैशलेस उपचार प्रदान कर रहे हैं और महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के लाभार्थी भी वहां इलाज करा सकते हैं।

शिवसेना विधायक अर्जुन खोटकर ने मुंबई के उपनगरों में और अधिक चैरिटेबल अस्पतालों की आवश्यकता पर जोर दिया। चैरिटेबल अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और बुनियादी ढांचे की समस्याओं जैसी शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि सरकार निरीक्षण और निगरानी कर रही है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार मुंबई महानगर क्षेत्र के अस्पतालों के साथ लगातार चर्चा कर रही है ताकि राज्य स्वास्थ्य योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सके और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

भाषा अमित माधव

माधव


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