महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद: फडणवीस बोले-सरकार न्यायालय में जल्द सुनवाई के लिए प्रयास करेगी

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद: फडणवीस बोले-सरकार न्यायालय में जल्द सुनवाई के लिए प्रयास करेगी

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद: फडणवीस बोले-सरकार न्यायालय में जल्द सुनवाई के लिए प्रयास करेगी
Modified Date: July 8, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: July 8, 2026 10:21 pm IST

मुंबई, आठ जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो राज्य सरकार वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की नियुक्ति करेगी, ताकि कर्नाटक के साथ लंबे समय से लंबित सीमा विवाद की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में जल्द शुरू हो सके।

राज्य विधानमंडल में सीमा मुद्दे पर उच्चस्तरीय समिति की बैठक में फडणवीस ने कहा कि विवाद को सुलझाने और सीमा क्षेत्रों में रहने वाले मराठी भाषी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्नाटक में मुकदमों का सामना कर रहे मराठी भाषी लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करेगी और उनके लिए वकीलों की नियुक्ति करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इन मामलों का कानूनी खर्च भी वहन करेगी।

फडणवीस ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में रहने वाले मराठी भाषी लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इन लोगों को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।

फडणवीस ने कहा कि सरकार समिति की ओर से दिए गए सभी सुझावों और उठाए गए लंबित मुद्दों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए आयोग से संबंधित सभी जानकारी एकत्र की जाएगी और महाराष्ट्र के सभी सांसदों के साथ साझा की जाएगी, ताकि इस मुद्दे को संसद में प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमा विवाद की जल्द सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय में आवश्यक आवेदन दाखिल करेगी। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो महाराष्ट्र के पक्ष को प्रस्तुत करने के लिए वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जाएगी।

फडणवीस ने कहा कि मंत्रीस्तरीय समिति सीमा क्षेत्रों में रहने वाले मराठी भाषी लोगों को कानूनी और प्रशासनिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी समन्वय तंत्र तैयार करेगी।

भाषा देवेंद्र पारुल

पारुल


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