महाराष्ट्र का मानसून सत्र: विपक्ष ने चाय पार्टी का किया बहिष्कार
महाराष्ट्र का मानसून सत्र: विपक्ष ने चाय पार्टी का किया बहिष्कार
(तस्वीर के साथ)
मुंबई, 21 जून (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘महा विकास आघाड़ी’ (एमवीए) ने रविवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले आयोजित पारंपरिक चाय पार्टी का बहिष्कार किया।
उसने जल प्रबंधन की कमी, कानून-व्यवस्था की स्थिति और अन्य मुद्दों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया।
शिवसेना (उबाठा) के विधायक भास्कर जाधव ने यहां संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा कि राज्य में बारिश नहीं हुई है और सरकार ने अभी तक सूखे की घोषणा नहीं की है।
जाधव ने पूछा, ‘‘जब आपको पता था कि अल नीनो आने वाला है, तो उससे निपटने के लिए इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए?’’
राकांपा (शप) के विधायक जयंत पाटिल ने कहा कि पिछले साल इसी समय राज्य के जलाशयों में पानी का भंडार 31 प्रतिशत था। उन्होंने पूछा कि अब यह गिरकर 23 प्रतिशत क्यों हो गया है।
महाराष्ट्र विधानसभा का मॉनसून सत्र 22 जून से शुरू होगा।
कांग्रेस, शिवसेना सेना (उबाठा) एवं कांग्रेस एमवीए के सहयोगी दल हैं। एमवीए ने विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया।
पाटिल ने कहा कि दोनों सदनों में विपक्ष के नेता का होना ज़रूरी है और विपक्ष की कम संख्या से कोई फर्क नहीं पड़ता।
जाधव ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के पद के उलट, विपक्ष के नेता का पद एक संवैधानिक पद है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष की बात नहीं सुनते हैं।
उन्होंने कहा कि भले ही विपक्ष के पास कम सदस्य हों, लेकिन अगर उसे मौका मिले तो वह महाराष्ट्र की जनता की उम्मीदों के मुताबिक अपनी भूमिका निभाएंगे।
जाधव ने दिल्ली विधानसभा का उदाहरण दिया, जहां पहले भाजपा के पास विपक्ष के नेता का पद था।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश

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