ठाणे की सब्जी मंडी में भीषण आग; दमकलकर्मी और सुरक्षा गार्ड की मौत

ठाणे की सब्जी मंडी में भीषण आग; दमकलकर्मी और सुरक्षा गार्ड की मौत

ठाणे की सब्जी मंडी में भीषण आग; दमकलकर्मी और सुरक्षा गार्ड की मौत
Modified Date: May 21, 2026 / 04:26 pm IST
Published Date: May 21, 2026 4:26 pm IST

ठाणे, 21 मई (भाषा) महाराष्ट्र में ठाणे रेलवे स्टेशन के पास एक बाजार परिसर में बृहस्पतिवार तड़के भीषण आग लगने से एक दमकलकर्मी और एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई, जबकि दो अन्य दमकलकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (आरडीएमसी) के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि रेलवे स्टेशन से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित गामदेवी सब्जी मंडी परिसर में सुबह करीब 3.30 बजे आग लग गई, जिसमें लगभग 155 स्टॉल जलकर खाक हो गए।

एक अधिकारी के अनुसार, घटना के बाद अग्निशमन कर्मियों ने ‘‘ब्रिगेड कॉल’ (अधिकतम दमकल संसाधनों की आवश्यकता वाली स्थिति) घोषित की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकानों से उठती ऊंची लपटों और घने धुएं से इलाके में दहशत फैल गई।

तडवी ने बताया, ‘एक सुरक्षा गार्ड पहली मंजिल पर फंस गया और उसका दम घुटने लगा, जिसके बाद एक दमकलकर्मी उसे बचाने के लिए ऊपर गया, लेकिन वह भी फंस गया। दोनों की दम घुटने से मौत हो गई।’

उन्होंने बताया कि ‘‘आग विकराल’’ थी और इसने बाजार को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। यहां कपड़ों, सब्जी और फल की दुकानें थीं, साथ ही स्थानीय नगरपालिका के एक वार्ड का कार्यालय भी था।

मृतकों की पहचान ठाणे नगर निगम (टीएमसी) के अग्निशमन स्टेशन अधिकारी सागर सूर्यकांत शिंदे (42) और सुरक्षा गार्ड कालू शंकर गाडेकर (55) के रूप में हुई है।

टीएमसी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है कि दो दमकलकर्मी – सुजीत पाश्ते (45) और समीर जाधव (40) घायल हो गए। उन्हें कालवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

शहरभर के सभी दमकल वाहनों और आरडीएमसी टीम को आग बुझाने के काम में लगाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि दुकानों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील कपड़ों का भंडार होने के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

तडवी ने बताया कि आग पर सुबह 11:30 बजे तक काबू पा लिया गया, जिसके बाद शीतलन अभियान शुरू किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आग लगने के कारण की जांच की जा रही है।

घटना के बाद, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्थिति की समीक्षा की और टीएमसी आयुक्त सौरभ राव को मुख्यमंत्री राहत कोष और राज्य के आपातकालीन विभाग से पीड़ितों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता सुरक्षित करने के प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

भाजपा पार्षद संजय वाघुले ने दावा किया कि कपड़ों की अनधिकृत दुकानों ने आग को गंभीर बना दिया।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “अगर आग सिर्फ फल और सब्जी मंडी तक सीमित रहती, तो नुकसान कम से कम होता। मैंने नगर निगम को इन खतरों के बारे में बार-बार बताया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

राव की अध्यक्षता में हुई आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक के बाद, टीएमसी ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियों की घोषणा की। नगर निगम द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि घायलों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे।

ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के और महापौर शर्मिला पिंपालोलकर भी बैठक में उपस्थित थे।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि नुकसान का आकलन किया जाएगा और संरचनात्मक और अग्नि सुरक्षा ऑडिट के बाद सभी 155 प्रभावित स्टॉल मालिकों को एक जून तक उसी स्थान पर पुनर्वासित किया जाएगा।

टीएमसी में सदन के नेता हनुमंत जगदाले ने मांग की कि पुनर्निर्माण से पहले बाजार में एक मजबूत अग्निशमन प्रणाली स्थापित की जाए और साथ ही शहर के मध्य क्षेत्र में दो विशेष अग्निशमन गाड़ियां तैनात की जाएं।

आयुक्त राव ने तीन दिनों के भीतर इस पर अंतिम निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में