नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया गया एवं इस कृत्य के वीडियो प्रसारित किए गए : अमरावती पुलिस

नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया गया एवं इस कृत्य के वीडियो प्रसारित किए गए : अमरावती पुलिस

नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया गया एवं इस कृत्य के वीडियो प्रसारित किए गए : अमरावती पुलिस
Modified Date: April 16, 2026 / 10:03 pm IST
Published Date: April 16, 2026 10:03 pm IST

अमरावती, 16 अप्रैल (भाषा) सोशल मीडिया मंचों पर नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो क्लिप और तस्वीरें प्रसारित करने के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। महाराष्ट्र के अमरावती जिले की पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अमरावती (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने बताया कि आरोपियों में से एक के घर से एक लैपटॉप, एक टैब और एक हार्ड डिस्क जब्त की गई है।

अधिकारी ने बताया कि 11 अप्रैल को कुछ सोशल मीडिया मंचों पर वीडियो नजर आने के बाद जांच शुरू हुई तथा उनमें से एक वीडियो में परातवाड़ा थानाक्षेत्र के एक लड़के के साथ एक लड़की दिखाई दे रही थी।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने पीड़ितों की पहचान कर ली थी और उनसे औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया था, लेकिन कोई भी आगे नहीं आयी।

आनंद ने बताया कि पुलिस ने परातवाड़ा निवासी आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद (19) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत स्वयं प्राथमिकी दर्ज की है।

उन्होंने कहा, “उसे 13 अप्रैल को पकड़ा गया था और वह 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में है। जांच में पता चला है कि उसने वीडियो और तस्वीरें अपने दोस्त उजेर इकबाल खान (20) को भेजी थीं, जो परातवाड़ा का ही निवासी है। उसने कई अन्य लोगों के साथ इन वीडियो एवं तस्वीरों साझा किया था।”

एसपी ने अन्य पांच आरोपियों की पहचान अचलपुर निवासी मोहम्मद साद, तबरेज खान तस्लीम खान (24), ऐफाज खान मनीर खान (26), मोहम्मद इमरान मोहम्मद साजिद (21) और शेख नवीद शेख हसन (21) के रूप में की है।

आरोपी नंबर आठ मानव दीपक सुगुणा (20) है, जिसने अयान अहमद तनवीर अहमद को लड़कियों का यौन शोषण करने के लिए अपना किराए का फ्लैट घंटे के हिसाब से दिया था। सुगुणा मूल रूप से वर्धा जिले का रहने वाला है।

एसपी ने बताया कि ये सभी आठों लोग सोशल मीडिया मंचों पर इन क्लिप और तस्वीरों को प्रसारित करने में शामिल थे तथा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के पांच मोबाइल फोन विश्लेषण और हटाए गए डेटा की पुनर्प्राप्ति के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में भेजे गए हैं।

भाषा

प्रशांत राजकुमार

राजकुमार


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