मुंबई में महापौर को लेकर रहस्य गहराया, शिंदे के पार्षद होटल ले जाए गए

मुंबई में महापौर को लेकर रहस्य गहराया, शिंदे के पार्षद होटल ले जाए गए

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 09:52 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 09:52 PM IST

मुंबई, 17 जनवरी (भाषा) मुंबई के अगले महापौर को लेकर गहराते रहस्य के बीच एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को शनिवार को शहर के एक आलीशान होटल में स्थानांतरित कर दिया।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के लिए हुए चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी शिवसेना (उबाठा) के मुखिया उद्धव ठाकरे ने यह कहकर अटकलों को और हवा दे दी कि अगर ‘‘देवा’’ (भगवान) की इच्छा हुई तो महापौर उनकी पार्टी का हो सकता है।

शुक्रवार को हुई मतगणना में भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के गठबंधन ने 227 सदस्यीय बीएमसी में स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जिसमें उन्हें क्रमशः 89 और 29 सीट मिलीं।

शिंदे की पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्षदों को बांद्रा के एक आलीशान होटल में ले जाया जा रहा है ताकि वे व्यस्त चुनावी माहौल के बाद खुद को ‘‘तरोताजा’’ कर सकें।

पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा कि पार्षदों को ‘‘प्रशिक्षण’’ दिया जाएगा और उन्हें कुछ दिन के लिए होटल में ठहराया जाएगा।

इससे पहले दिन में, उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन करने वाली उनकी पार्टी को खत्म करने में विफल रही।

ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘‘मुंबई में शिवसेना (उबाठा) का महापौर बनाना मेरा सपना है, और अगर देवा (ईश्वर) की कृपा रही तो यह सपना साकार होगा।’’

ठाकरे के बयान के बारे में पूछे जाने पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मजाक में पूछा कि क्या ‘देवा’ से उनके पूर्व सहयोगी का तात्पर्य ‘‘मुझसे’’ है या ‘‘ऊपर वाले भगवान’’ से। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भी ‘देवा’ कहा जाता है, इसलिए मैं पूछ रहा हूं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऊपर वाले भगवान ने तय किया है कि महापौर महायुति का होगा।’’

दूसरी ओर, शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने कहा कि विपक्ष के पास पार्षदों की अच्छी खासी संख्या है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें कभी भी कुर्सी से हटा सकते हैं, लेकिन हम लोकतंत्र का सम्मान करते हैं।’’

बीएमसी के चुनाव में शिवसेना (उबाठा) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को छह सीट मिलीं। वंचित बहुजन आघाडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीट, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को आठ, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और राकांपा (शप) को सिर्फ एक सीट मिली।

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव