नाना पटोले ने महाराष्ट्र में जिला परिषद, पंचायत समिति के चुनाव मतपत्रों के जरिये कराने की मांग की
नाना पटोले ने महाराष्ट्र में जिला परिषद, पंचायत समिति के चुनाव मतपत्रों के जरिये कराने की मांग की
मुंबई, 17 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने मांग की है कि महाराष्ट्र में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्र के जरिये कराए जाएं, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा कम हो रहा है।
राज्य में 12 जिला परिषदों और 25 पंचायत समितियों के चुनाव पांच फरवरी को होंगे।
पटोले ने राज्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक पत्र में कहा कि हाल ही में हुए 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों में गंभीर कमियां सामने आई हैं, जो अत्यंत कम मतदान प्रतिशत में दिखाई दीं।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के पूर्व अध्यक्ष पटोले ने कहा, ‘कम मतदान प्रतिशत सिर्फ़ मतदाताओं की उदासीनता नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में बढ़ते अविश्वास का संकेत है। कई राज्यों ने लोगों का भरोसा बनाए रखने और विवादों से बचने के लिए स्थानीय निकायों के चुनावों में मतपत्रों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।’
महाराष्ट्र में ईवीएम के लगातार इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए, पटोले ने पूछा कि अकेले वही क्यों इन पर जोर दे रहा है और ‘यह किसके फायदे के लिए है।’
उन्होंने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया, जिसकी वजह से मतदाताओं को घंटों तक मतदान केंद्र ढूंढने के लिए मजबूर होना पड़ा और उनमें से हजारों लोग वोट डाले बिना ही लौट गए।
पटोले ने इसे निर्वाचन आयोग की तरफ से प्रशासनिक विफलता का संकेत बताया।
पटोले ने यह भी बताया कि महानगरपालिका चुनावों में ‘वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपैट) मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे मतदाताओं को अपने डाले गए वोट की जांच करने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई गई स्याही आसानी से हटाई जा सकती थी, जिससे मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
पटोले ने दावा किया, ‘ये मुद्दे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा हैं। निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और कार्यकुशलता पर संदेह के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।’
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को जमीनी लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए, पटोले ने अधिकारियों से जनता की भावनाओं का सम्मान करने और निर्वाचन व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए मतपत्रों से चुनाव कराने का आग्रह किया।
शुक्रवार को घोषित 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। भाजपा ने 2,869 सीट में से 1,425 सीट जीतकर एक दर्जन से ज्यादा नगर निकायों में सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया।
कांग्रेस ने कुल 324 सीट जीतीं। उसे भिवंडी में 30 सीट, चंद्रपुर में 27 और लातूर में 43 सीट मिलीं, लेकिन मुंबई में कांग्रेस को 24 सीट मिलीं।
भाषा
राखी दिलीप
दिलीप

Facebook


