सुनेत्रा पवार और राकांपा नेता फडणवीस से मिले, बारामती विमान दुर्घटना की सीबीआई जांच की मांग की

सुनेत्रा पवार और राकांपा नेता फडणवीस से मिले, बारामती विमान दुर्घटना की सीबीआई जांच की मांग की

सुनेत्रा पवार और राकांपा नेता फडणवीस से मिले, बारामती विमान दुर्घटना की सीबीआई जांच की मांग की
Modified Date: February 17, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: February 17, 2026 6:37 pm IST

मुंबई, 17 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की तथा 28 जनवरी को हुए विमान हादसे की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की।

पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में राकांपा नेता अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

राकांपा के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से संवाद करेगी।

सुनेत्रा पवार ने अपने बड़े बेटे पार्थ पवार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं – तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और हसन मुश्रीफ के साथ फडणवीस से मुलाकात की तथा हादसे की सीबीआई जांच किए जाने की मांग करते हुए एक पत्र सौंपा।

इससे पहले विमान दुर्घटना जांच एजेंसी वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त ‘लीयरजेट 45’ विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से डेटा प्राप्त करने के लिए विशेष सहायता मांगी गई है।

तटकरे ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से संवाद करेगी। सरकार ने पहले ही स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा जांच शुरू कर दी है और कहा है कि वह सीबीआई जांच का आदेश देगी। हमें लगता है कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाने वाली जांच व्यापक होगी।’’

उन्होंने कहा कि राकांपा विधायक दल पूरी तरह से सुनेत्रा पवार के साथ है और इसमें कोई असहमति नहीं है।

तटकरे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने राकांपा कार्यालय में उनसे मुलाकात की और हाल ही में हुए जिला परिषद चुनावों में महायुति गठबंधन की जीत के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा की।

तटकरे ने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह राकांपा के मंत्री नरहरि जिरवाल के मंत्रालय स्थित कार्यालय में हुई रिश्वतखोरी जैसी घटनाएं सरकार और मंत्रियों की छवि को धूमिल करती हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्रियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

पिछले सप्ताह, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य सचिवालय, मंत्रालय में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के एक लिपिक को कथित तौर पर 35,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप


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