नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 404 पर्यटकों में 338 सुरक्षित, 37 भारत लाये जा रहे हैं, 60 का पता नहीं चला

नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 404 पर्यटकों में 338 सुरक्षित, 37 भारत लाये जा रहे हैं, 60 का पता नहीं चला

नेपाल बाढ़: महाराष्ट्र के 404 पर्यटकों में 338 सुरक्षित, 37 भारत लाये जा रहे हैं, 60 का पता नहीं चला
Modified Date: August 29, 2026 / 02:55 pm IST
Published Date: August 29, 2026 2:55 pm IST

मुंबई, 29 अगस्त (भाषा) नेपाल-तिब्बत इलाके में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद फंसे महाराष्ट्र के 404 लोगों में से 338 से संपर्क कर अधिकारियों ने उनके सुरक्षित होने की पुष्टि की है और उनमें से 37 लोगों को भारत लाया जा रहा है। राज्य सरकार की एक रिपोर्ट से शनिवार को यह जानकारी सामने आयी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई की ‘ऋचा टुअर्स’ के जरिये नेपाल गए 60 पर्यटकों का अभी तक कोई अता-पता नहीं है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विदेश मंत्रालय ने राज्य सरकार को 149 भारतीयों की एक सूची सौंपी है, जो चीन/तिब्बत इलाके में सुरक्षित हैं। ये सभी महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों के रहने वाले हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पहचान और आगे के तालमेल के लिए सभी जिलाधिकारियों को सूची भेज दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत इलाके में फंसे महाराष्ट्र के 404 लोगों में से 37 लोगों का एक समूह (तिब्बत के) सागा से निकल चुका है और उसे भारत लाया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने इन 404 लोगों में से 338 लोगों से संपर्क कर लिया है और उनके सुरक्षित होने की पुष्टि की है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘विदेश मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार को उन 149 भारतीय नागरिकों की सूची भी सौंपी है जो अभी चीन/तिब्बत इलाके में हैं। चूंकि ये लोग महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से हैं, इसलिए अधिकारी संबंधित ज़िला प्रशासनों के जरिये उनकी जानकारी इकट्ठा करने का काम कर रहे हैं।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, नागपुर के 105 नागरिक पहले ही भारत लौट चुके हैं और वे उन 404 लोगों का हिस्सा थे, जिनके सुरक्षित होने की खबर मिली थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 60 नागरिकों ने मुंबई की ‘ऋचा टुअर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के ज़रिये नेपाल की यात्रा की थी और अधिकारियों का इस समूह से अभी तक सीधा संपर्क नहीं हो पाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, छह अन्य नागरिकों के बारे में जानकारी एक ऑनलाइन लिंक के जरिये मिली, लेकिन अधिकारी उनसे भी संपर्क नहीं कर सके।

राज्य आपात अभियान केंद्र, विदेश मंत्रालय के नियंत्रण के साथ तालमेल बिठा रहा है और नियमित रूप से अद्यतन सूची भेज रहा है। जरूरत के हिसाब से प्रभावित जगहों पर बचाव दल तैनात किए गए हैं, जबकि लापता नागरिकों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में