मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता ने अपनी भूख हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को उनके बेटे की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिवार के वकील ने कहा कि सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया है।
दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में साहिल के माता-पिता रविंद्र और सोनाली वाकोडे धरने पर बैठे हैं। महाराष्ट्र के यवतमाल के रहने वाले दोनों अपने बेटे की तस्वीर हाथ में लिए हुए थे और उसके लिए न्याय की मांग कर रहे थे। कुछ अन्य लोग भी उनके साथ धरने में शामिल हुए।
परिवार के वकील निखिल कांबले ने कहा कि सरकार की ओर से अब तक कोई भी उनसे संपर्क करने नहीं आया है।
संस्थान के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान वाकोडे के कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
उसके माता-पिता ने संस्थान में अपने बेटे के साथ जातिगत भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है।
वे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और आईआईटी मुंबई के निदेशक शिरीष केदारे की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। डूला पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
माता-पिता ने कहा है कि जब तक उनके बेटे को न्याय नहीं मिल जाता और जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
आईआईटी मुंबई के बोर्ड ने साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है।
जातिगत भेदभाव और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से संबंधित पुलिस प्राथमिकी में नामजद संस्थान के शिक्षक प्रोफेसर डूला को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है।
रविंद्र वाकोडे ने सोमवार शाम पत्रकारों से कहा, ‘‘जब तक डूला और केदारे को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।’’
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त से बात की है और वह पुलिस के दिशानिर्देशों के अनुसार अपना अनशन जारी रखेंगे।
अपराध शाखा 18 सितंबर को हुई घटनाओं का क्रम समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने यह पता लगाने के लिए छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों से भी पूछताछ की है कि साहिल के कथित तौर पर परीक्षा हॉल से बाहर निकलने के बाद क्या हुआ था।
पुलिस अधिकारियों ने पहले कहा था कि साहिल ने कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद 18 सितंबर को अपनी महिला मित्र से फोन पर बातचीत के दौरान परीक्षा में नकल करने पर अफसोस जताया था।
परिसर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जांच प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है और छात्रों के कल्याण तथा उनकी शिकायतों के निवारण की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने इससे पहले आजाद मैदान में वाकोडे परिवार से मुलाकात की थी और उन्हें समर्थन दिया था।
भाषा गोला मनीषा
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