शिवाजी पुस्तक विवाद पर फडणवीस ने कहा: खराब भाषा का इस्तेमाल करना अस्वीकार्य

शिवाजी पुस्तक विवाद पर फडणवीस ने कहा: खराब भाषा का इस्तेमाल करना अस्वीकार्य

शिवाजी पुस्तक विवाद पर फडणवीस ने कहा: खराब भाषा का इस्तेमाल करना अस्वीकार्य
Modified Date: April 25, 2026 / 05:18 pm IST
Published Date: April 25, 2026 5:18 pm IST

(फोटो के साथ)

नासिक, 25 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि शिवाजी महाराज पर लिखी पुस्तक के प्रकाशक के खिलाफ शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मराठा शासक का सभी लोग सम्मान करते हैं।

गायकवाड़ ने छत्रपति शिवाजी महाराज को मराठी पुस्तक में उनके पहले नाम से संबोधित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कोल्हापुर स्थित प्रकाशक प्रशांत अम्बी को फोन पर धमकी दी जिससे विवाद खड़ा हो गया। यह पुस्तक मूल रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नेता दिवंगत गोविंद पानसरे ने लिखी थी और 1988 में प्रकाशित हुई थी।

फडणवीस ने त्र्यम्बेकश्वर में पत्रकारों से कहा, ‘‘ 40 साल पहले प्रकाशित पुस्तक पर विवाद उठाना खड़ा करना नहीं है। इस तरह की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग भी स्वीकार्य नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि (उपमुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष) एकनाथ शिंदे इस मामले में गायकवाड़ को उचित निर्देश देंगे।

प्रकाशक ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि गायकवाड़ ने पुस्तक ‘शिवाजी कौन होता’ (शिवाजी कौन थे) को लेकर जान से मारने की धमकी दी और अपशब्दों का प्रयोग किया।

गायकवाड़ ने प्रकाशक को फोन पर बातचीत के दौरान जीभ ‘काट देने’ की धमकी दी जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। बाद में गायकवाड़ ने खेद व्यक्त किया है, लेकिन यह भी कहा है कि प्रकाशन में मराठा सम्राट को सम्मानपूर्वक संबोधित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रकाशक के खिलाफ मैंने जो भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, उसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं।’’

उन्होंने दावा किया कि पुस्तक में ऐसे उदाहरण हैं जहां शिवाजी को ‘‘अपमानजनक’’ तरीके से संबोधित किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे किताब से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जिसने भी इसे प्रकाशित किया है, उसे छत्रपति शिवाजी महाराज को सम्मान के साथ संबोधित करना चाहिए।’’

भाषा

राजकुमार माधव

माधव


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