विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करवाकर ‘‘पाप’’ किया: पंकजा मुंडे

विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करवाकर ‘‘पाप’’ किया: पंकजा मुंडे

विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करवाकर ‘‘पाप’’ किया: पंकजा मुंडे
Modified Date: April 21, 2026 / 03:56 pm IST
Published Date: April 21, 2026 3:56 pm IST

ठाणे, 21 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लोकसभा में पारित नहीं होने देने के लिए, उस पर ‘‘पाप’’ का भागी बनने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि उन्होंने नीति निर्माण में महिलाओं को समान अवसर से वंचित किया है।

मुंडे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ठाणे मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में कहा कि यह देश के लिए एक अवसर को खो देने के समान है।

उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी दलों ने संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करवाकर एक गंभीर पाप किया है। इस देश की महिलाएं इस कृत्य के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।’’

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘न्यायसंगत आरक्षण की मांग करने का समय आ गया है। योग्यता, प्रयास और क्षमता में कम न होने के बावजूद महिलाओं को वर्षों से कुचला और वंचित किया गया है।’’

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।

सदन में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।

लोकसभा में संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है।

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि परिसीमन प्रक्रिया से संबंधित यह विधेयक अगर लागू किया जाता है, तो दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम कर देगा।

मुंडे ने कहा कि मुद्दा एहसान करने का नहीं, बल्कि अधिकारों को मान्यता देने का है।

भाजपा नेता ने दावा किया, ‘‘महिलाओं के लिए आरक्षण कोई एहसान नहीं है, यह उनका अधिकार है। नीति-निर्माण में उन्हें अवसरों से वंचित रखा गया है और यह राष्ट्र के लिए वह अवसर है जिसे खो दिया गया।’’

भाषा यासिर नरेश

नरेश


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