महाराष्ट्र विधानसभा में टीईटी प्रश्नपत्र लीक को लेकर विपक्षी विधायकों का जोरदार हंगामा, सदन से बहिर्गमन
महाराष्ट्र विधानसभा में टीईटी प्रश्नपत्र लीक को लेकर विपक्षी विधायकों का जोरदार हंगामा, सदन से बहिर्गमन
मुंबई, 29 जून (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को उस समय जोरदार हंगामा हुआ जब विपक्षी विधायकों ने सरकार पर हाल में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सहित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लीक होने से रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया और बाद में सदन से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले सहित वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि टीईटी और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े लोग हैं और उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की व्यापक जांच की मांग की।
विपक्षी सदस्यों ने कथित टीईटी प्रश्नपत्र लीक और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से कराने के सरकार के फैसले के विरोध में नारेबाजी की।
कांग्रेस के सतेज पाटिल, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अंबादास दानवे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद पवार) के जितेंद्र आव्हाड के नेतृत्व में विपक्षी विधायकों ने विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया।
सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने राज्य की छवि धूमिल कर दी है और लाखों छात्रों तथा शिक्षकों का भविष्य खतरे में डाल दिया है।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वडेट्टीवार ने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए कार्यवाही स्थगित करने की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, तब भी सरकार पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराने में क्यों विफल रही।
कांग्रेस विधायक ने टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसियों, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कंपनियों और इस कथित गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उनके अन्य राज्यों के लोगों से कथित संबंध एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं, जिसका पर्दाफाश होना चाहिए।
वडेट्टीवार ने 2018 के टीईटी घोटाले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस मामले के एक आरोपी अभिषेक सावरिकर को बाद में भाजपा में शामिल कर लिया गया था।
विधानसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए वडेट्टीवार ने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदमों की घोषणा करने का आग्रह किया।
इस पर स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि सरकार इस विषय पर विस्तृत बयान देगी।
हालांकि, सरकार के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए और पर्याप्त चर्चा की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाकर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी विधायकों ने विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया और स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे तथा उनके मालेगांव विधानसभा क्षेत्र का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए नारे लगाए।
पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि टीईटी और नीट का प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं।
पटोले ने दावा किया कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को टीईटी अभ्यर्थियों की चिंता हो या न हो, लेकिन हमें छात्रों के भविष्य की चिंता है। इसलिए हम चाहते हैं कि विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर चर्चा हो।’’
भाषा गोला संतोष
संतोष

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