महाराष्ट्र में दो करोड़ से अधिक मतदाताओं के एसआईआर फॉर्म नहीं हुए जमा; राकांपा (शप) ने जताई आपत्ति

महाराष्ट्र में दो करोड़ से अधिक मतदाताओं के एसआईआर फॉर्म नहीं हुए जमा; राकांपा (शप) ने जताई आपत्ति

महाराष्ट्र में दो करोड़ से अधिक मतदाताओं के एसआईआर फॉर्म नहीं हुए जमा; राकांपा (शप) ने जताई आपत्ति
Modified Date: August 17, 2026 / 05:27 pm IST
Published Date: August 17, 2026 5:27 pm IST

मुंबई, 17 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान दो करोड़ से अधिक मतदाताओं के फॉर्म विभिन्न कारणों से जमा नहीं हुए हैं।

राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने चुनाव अधिकारियों से मुलाकात की और मतदाता सूची से दो करोड़ से अधिक नामों को “हटाए जाने” पर आपत्ति जताई।

राज्य में एसआईआर के तहत मतदाताओं की जानकारी जुटाने का काम 30 जून से शुरू हुआ था।

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 9,78,54,049 मतदाता हैं, जिनमें से 7,69,52,262 मतदाताओं यानी 78.64 प्रतिशत के फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं।

आंकड़ों में कहा गया है कि मतदाताओं के घर पर नहीं मिलने, मौत होने, किसी और जगह चले जाने या नाम एक से अधिक बार दर्ज होने समेत विभिन्न कारणों से 2,07,93,916 मतदाताओं यानी 21.25 प्रतिशत के फॉर्म जमा नहीं हुए हैं।

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर के तहत फॉर्म को डिजिटल करने का काम 99.89 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसके लिए पूरे राज्य में 1,00,253 बूथ स्तर अधिकारी तैनात किए गए थे।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के 36 में से 14 जिलों में एसआईआर का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि मुंबई के दोनों जिलों में करीब 99 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।

एक अधिकारी ने बताया कि डिजिटल करने का काम जारी रहेगा और अंतिम आंकड़े सोमवार देर शाम या मंगलवार तक जारी होने की उम्मीद है।

पवार ने पत्रकारों से बात करते हुए मतदाता सूची के मसौदे से नाम हटाने के आधार पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की जानकारी अधूरी है या जिनके नाम में बदलाव हुआ है, उनकी जांच के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।

पवार ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि हटाए गए नामों में करीब 34 लाख मतदाताओं को मृत बताया गया है, 76 लाख परिवारों से संपर्क नहीं हो सका और 77 लाख मतदाताओं ने अपना पता स्थायी रूप से बदल लिया है।

उन्होंने दावा किया कि करीब दो लाख लोगों ने जानकारी देने से इनकार कर दिया। विधायक ने यह दावा भी किया कि बूथ स्तर के अधिकारियों पर सत्यापन का काम पूरा करने का दबाव था।

पवार ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से तैयार एक सॉफ्टवेयर के जरिये मतदाताओं को भाजपा की विचारधारा का समर्थन करने वाले, “संदिग्ध” और विरोधी मतदाताओं की श्रेणियों में विभाजित किया गया।

उन्होंने कहा कि उन्हें सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के आंकड़े मिले हैं और वह इनकी तुलना निर्वाचन आयोग की ओर से जारी की जाने वाली शुरुआती सूची से करेंगे।

अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची का मसौदा संबंधित जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मतदाता अपना नाम जांच सकेंगे और नाम नहीं होने पर उसे शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकेंगे।

भाषा जोहेब

जोहेब अविनाश

अविनाश


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