महाराष्ट्र में रहने वालों को मराठी सीखनी चाहिए : संजय राउत

महाराष्ट्र में रहने वालों को मराठी सीखनी चाहिए : संजय राउत

महाराष्ट्र में रहने वालों को मराठी सीखनी चाहिए : संजय राउत
Modified Date: April 24, 2026 / 07:59 pm IST
Published Date: April 24, 2026 7:59 pm IST

मुंबई, 24 अप्रैल (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी सीखनी चाहिए और साथ ही हर किसी को कानून का पालन करना चाहिए तथा उस राज्य का सम्मान करना चाहिए जो उन्हें आजीविका प्रदान करता है।

राउत ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों द्वारा मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह कानून के दायरे में और अनुशासन के साथ होना चाहिए।

राज्यसभा सदस्य ने इस बात पर बल दिया कि महाराष्ट्र में अपनी आजीविका कमाने वालों को राज्य की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “जो लोग यहां रहते और काम करते हैं, उन्हें महाराष्ट्र का सम्मान करना चाहिए। उन्हें यहां रोजगार और सुविधाएं मिल रही हैं, इसलिए उन्हें मराठी भी सीखनी चाहिए, क्योंकि जिन लोगों से वे अधिकतर बातचीत करते हैं, वे मराठी बोलते हैं।”

राउत ने कहा कि मराठी भाषा के खिलाफ नकारात्मक रुख अपनाना गलत है।

शिवसेना (उबाठा) नेता ने कहा, “हर किसी को कानून का पालन करना चाहिए। ऑटो और टैक्सी चालक विरोध कर रहे हैं, लेकिन वे स्वयं कहते हैं कि लोगों को कानून के अनुसार व्यवहार करना चाहिए। यह राज्य आपको रोजगार, आवास और जीवन की सभी सुविधाएं दे रहा है, इसलिए आपको इसका सम्मान करना चाहिए।”

पिछले सप्ताह परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने घोषणा की थी कि महाराष्ट्र में एक मई से सभी लाइसेंस प्राप्त ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी जानना अनिवार्य होगा।

सरनाइक ने कहा था कि मोटर परिवहन विभाग के 59 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से एक राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें यह जांचा जाएगा कि चालक मराठी भाषा को पढ़ और लिख सकते हैं या नहीं।

मंत्री ने चेतावनी दी थी कि जिन चालकों को मराठी की बुनियादी जानकारी नहीं होगी, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

इस बीच, राउत ने महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी बात की, जिसमें 12 मई को विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव और विपक्षी गठबंधन के बीच चर्चा शामिल है।

राउत ने कहा, “‘मातोश्री’ (शिवसेना-उबाठा के प्रमुख उद्धव ठाकरे का निवास) पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। विभिन्न मुद्दों के साथ विधान परिषद चुनाव पर भी बातचीत हुई।”

महा विकास आघाडी (एमवीए) में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) और शिवसेना (उबाठा) शामिल हैं।

राउत ने कहा कि गठबंधन में समन्वय के लिए ऐसी बैठकें महत्वपूर्ण हैं और परिषद चुनावों पर निर्णय विस्तृत चर्चा के बाद लिया जाएगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के कथित बयान कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिया जाना चाहिए, इस पर टिप्पणी करते हुए राउत ने कहा, “यह बहुत छोटा सम्मान होगा, उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इतनी सेवा करने के बाद सिर्फ भारत रत्न देना उनका अपमान होगा।”

भाषा रवि कांत शफीक

शफीक


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