पूजा खेडकर की मां ने पिस्तौल दिखाकर लोगों को धमकाया, पुलिस करेगी जांच

पूजा खेडकर की मां ने पिस्तौल दिखाकर लोगों को धमकाया, पुलिस करेगी जांच

पूजा खेडकर की मां ने पिस्तौल दिखाकर लोगों को धमकाया, पुलिस करेगी जांच
Modified Date: July 12, 2024 / 09:08 pm IST
Published Date: July 12, 2024 9:08 pm IST

पुणे, 12 जुलाई (भाषा) आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मां द्वारा पिस्तौल लेकर कुछ लोगों को धमकाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है जिससे विवादों में घिरी नौकरशाह की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बाद में शाम को कहा कि तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की जाएगी, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या उसके पास पिस्तौल का लाइसेंस था।

खेडकर 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने यूपीएससी की उम्मीदवारी में खुद को ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर उम्मीदवार बताया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह दृष्टिहीन और मानसिक रूप से दिव्यांग हैं, लेकिन उन्होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए परीक्षा देने से इनकार कर दिया।

एक अधिकारी ने बताया कि वीडियो में दिख रही घटना पूजा के पिता दिलीप खेडकर द्वारा पुणे के मुलशी तहसील के धाडवाली गांव में खरीदी गई जमीन से संबंधित है। दिलीप खेडकर महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।

स्थानीय लोगों का दावा था कि खेडकर ने पड़ोसी किसानों की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है।

दो मिनट के वीडियो में पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर अपने सुरक्षा गार्डों के साथ पड़ोसियों के साथ तीखी बहस करती नजर आ रही हैं।

हाथ में पिस्तौल लिए मनोरमा खेडकर को एक आदमी पर चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। वह उसके पास जाती है और पिस्तौल को उसके चेहरे के सामने लहराती है और फिर उसे अपने हाथ में छिपा लेती है।

पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने सोशल मीडिया मंच पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहे वीडियो का संज्ञान लिया है। तथ्यों का पता लगने के बाद हम जांच शुरू करेंगे। हम जांच करेंगे कि मनोरमा खेडकर के पास पिस्तौल का लाइसेंस है या नहीं।”

इस प्रकरण के संबंध में किसान कुलदीप पासलकर ने दावा किया कि मनोरमा खेडकर जबरदस्ती उनकी जमीन हड़पने की कोशिश कर रही हैं।

पासलकर ने आरोप लगाया, “वह अन्य किसानों को भी धमका रही है। वह कुछ सुरक्षा गार्डों के साथ मेरे प्लॉट पर आई और अपने हाथ में पिस्तौल लेकर हमें धमकाना शुरू कर दिया।”

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में