पुणे कारोबारी हत्या मामला: छह महीने से संपर्क में थे सिया और चेतन, एक-दूसरे को कीं 2,000 से अधिक कॉल
पुणे कारोबारी हत्या मामला: छह महीने से संपर्क में थे सिया और चेतन, एक-दूसरे को कीं 2,000 से अधिक कॉल
पुणे, 24 जून (भाषा) पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले में खाई में धक्का देकर मारने की आरोपी उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पिछले छह महीने से लगातार संपर्क में थे, दोनों ने एक-दूसरे को 2,004 बार फोन किया था और कुल 238 घंटे बातचीत की थी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि सिया और चेतन के बीच इतनी ज्यादा बातचीत उस साजिश का हिस्सा थी, जिसके के तहत 18 जून को केतन की कथित तौर पर हत्या कर दी गई।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना के दिन सिया (20) और चेतन (22) कथित तौर पर एक कैफे में मिले थे और केतन (26) को रास्ते से हटाने की साजिश को अंतिम रूप दिया था।
अधिकारी ने कहा कि इस साजिश में किले में एक ऐसी जगह की पहचान भी शामिल थी, जहां से केतन को खाई में धकेला जा सके।
पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप सिंह गिल ने कहा, “सिया और चेतन ने पिछले छह महीने में एक-दूसरे को 2,004 बार फोन किया और कुल 238 घंटे बातचीत की। दोनों के बीच फोन पर कई बार दो-तीन घंटे से ज्यादा समय तक भी बातचीत हुई।”
गिल के मुताबिक, पुलिस को शक है कि सिया और चेतन के बीच इतनी ज्यादा बातचीत का संबंध केतन की हत्या की साजिश से हो सकता है।
उन्होंने कहा, “जांच में यह भी पता चला है कि घटना वाले दिन सिया और चेतन लोहगढ़ किला जाने से पहले एक कैफे में मिले थे और उन्होंने केतन को खत्म करने की साजिश को अंतिम रूप दिया था।”
गिल ने कहा, “मुलाकात के दौरान दोनों ने किले की एक ऐसी उपयुक्त जगह की पहचान की, जहां से केतन को खाई में धकेला जा सके। उन्होंने हत्या की साजिश को अंजाम देने की पूरी तैयारी भी की।”
सिया और चेतन फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों केतन को अपने रिश्ते में अड़चन मानते थे और इसलिए उन्होंने रियल एस्टेट कारोबारी को रास्ते से हटाने का फैसला किया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिया ने छह जून को मुंबई हवाई अड्डे जाते समय केतन का पासपोर्ट गायब करके ‘प्री-वेडिंग शूट’ के लिए बाली जाने की दोनों की योजना पर पानी फेर दिया था।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिनेश तायडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “ जांच के दौरान पता चला है कि खालापुर के फूड मॉल में कार से पासपोर्ट चुराने के बाद सिया ने उसे महिलाओं के वॉशरूम में फेंक दिया था। हम हत्या की जांच तो कर ही रहे हैं, साथ ही एक टीम को मॉल भी भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पासपोर्ट बरामद किया सकता है या नहीं।”
उन्होंने बताया कि सिया और केतन की सगाई फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर में एक भव्य समारोह में दोनों की शादी होनी थी, जिसके लिए एक महल बुक किया गया था।
तायडे ने कहा, “केतन की बहन संजना और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ के दौरान हमें पता चला कि घटना से पहले सिया ने चेतन पर कई बार अपने साथ लोहागढ़ किला चलने का दबाव बनाया था।”
उन्होंने बताया, “सिया 31 मई को केतन को लोहागढ़ किला ले गई थी। उसने चार जून को घूमने के लिए फिर से लोहागढ़ किला जाने पर जोर दिया। हालांकि, केतन की मां ने उन्हें दूसरी बार वहां जाने की इजाजत नहीं दी।”
तायडे के मुताबिक, सिया ने केतन को 14 जून को एक बार फिर लोहागढ़ किला चलने के लिए मनाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उस दिन भी सिया ने केतन को खाई में कथित तौर पर धकेलने का प्रयास किया, लेकिन केतन ने समय रहते झाड़ी पकड़ ली और खुद को बचाने में कामयाब रहे।
तायडे के अनुसार, जब केतन ने सिया से पूछा कि उसने उन्हें धक्का क्यों दिया, तो सिया ने वहां सांप होने की बात कही और ऐसा जताने की कोशिश की कि वह उन्हें बचाने की कोशिश कर रही थी।
तायडे ने बताया कि इन घटनाक्रमों के सामने आने के बाद जांचकर्ताओं का शक और गहरा गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और डिजिटल संचार से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
बुधवार को गिल ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच की प्रगति का जायजा लिया।
इस बीच, चेतन के वकील राम शहाणे ने कहा कि उनके मुवक्किल को इस मामले में फंसाया गया है।
शहाणे ने कहा, “प्राथमिकी में कथित अपराध में चेतन की भूमिका के बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। इसमें बस इतना कहा गया है कि वह मुख्य आरोपी का बॉयफ्रेंड है और इसी आधार पर उसे मामले में फंसाया गया है। हमने पहली रिमांड के दौरान, जब उसे पहली बार अदालत में पेश किया गया था, तब भी यही बात कही थी।”
इस बीच, चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने भी अपने बेटे के निर्दोष होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिया खुद को बचाने के लिए चेतन को मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है।
बाबूलाल ने कहा, “हमें बताया गया है कि जब यह घटना हुई, तब चेतन सिया और केतन से काफी दूर खड़ा था। मेरा बेटा ऐसा नहीं है।”
उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि चेतन उस दिन लोहागढ़ किले में उस जगह पर क्यों मौजूद था। उसने हमें नहीं बताया कि वह वहां क्यों गया था।”
बाबूलाल ने कहा, “मेरा बेटा इस मामले में शामिल नहीं है। वह बेगुनाह है।”
उन्होंने सिया और चेतन के बीच प्रेम प्रसंग होने की जानकारी होने से भी इनकार किया।
भाषा पारुल जोहेब
जोहेब

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