पीएनबी घोटाला: एफईओ कार्यवाही को लेकर नीरव मोदी के दो भाइयों को अदालत का नोटिस
पीएनबी घोटाला: एफईओ कार्यवाही को लेकर नीरव मोदी के दो भाइयों को अदालत का नोटिस
मुंबई, पांच मार्च (भाषा) यहां की एक विशेष अदालत ने फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भाइयों को नोटिस जारी कर उनसे यह बताने को कहा है कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में उन्हें आधिकारिक तौर पर “भगोड़ा आर्थिक अपराधी” (एफईओ) क्यों घोषित नहीं किया जाना चाहिए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एफईओ के तहत निशाल और नेहाल मोदी को भगोड़ा घोषित करने की याचिका के मद्देनजर, बुधवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश ए.वी. गुजराती ने उन्हें नोटिस जारी किए।
नीरव मोदी की कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी आदित्य नानावती और संदीप मिस्त्री, जो एफईओ कार्यवाही का सामना कर रहे हैं, उन्हें भी इसी तरह के नोटिस भेजे गए हैं।
उन्हें सात मई तक जवाब देने को कहा गया है।
एक बार किसी व्यक्ति को एफईओ घोषित कर दिया जाए, तो उसकी संपत्ति जब्त या कुर्क की जा सकती है।
ईडी का दावा है कि नेहल मोदी ने फर्जी कंपनियों और विदेशी लेनदेन के जरिए नीरव को बड़ी मात्रा में धन के हस्तांतरण और छिपाने में मदद की।
ईडी के आरोपपत्र में आरोप लगाया गया है कि नीशाल मोदी 2011 और 2013 के बीच दुबई स्थित कुछ फर्जी कंपनियों में फर्जी साझेदारों की नियुक्ति में शामिल थीं और उन कंपनियों में हस्ताक्षरकर्ता या लाभार्थी थीं।
नेहल मोदी को 2025 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था, और वह ईडी और सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई प्रत्यर्पण कार्यवाही के खिलाफ लड़ रहे हैं।
फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर पीएनबी के अधिकारियों को रिश्वत देकर फर्जी गारंटी पत्र (एलओयू) और विदेशी साख पत्र (एफएलसी) का इस्तेमाल करते हुए पीएनबी से 23,780 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकालने का आरोप है।
विशेष अदालत ने 2019 में नीरव मोदी को एफईओ घोषित किया था, जबकि चोकसी के खिलाफ ईडी की इसी तरह की याचिका अब भी लंबित है।
फिलहाल, चोकसी बेल्जियम में प्रत्यर्पण की कार्यवाही का सामना कर रहा है, जबकि नीरव मोदी लंदन की जेल में बंद है।
भाषा
प्रशांत माधव
माधव

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