राहुल की महिला सशक्तीकरण की बात ‘पाखंड’, कांग्रेस ‘दिशाहीन’ पार्टी : फडणवीस
राहुल की महिला सशक्तीकरण की बात ‘पाखंड’, कांग्रेस ‘दिशाहीन’ पार्टी : फडणवीस
नागपुर, 23 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की छात्राओं के साथ बातचीत की आलोचना करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के राजनीतिक रुख को ‘पाखंड’ करार दिया।’’
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक ओर महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं, लेकिन दूसरी ओर संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते हैं।
फडणवीस ने नागपुर में एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कांग्रेस को ‘‘दिखावा करने वालों और बड़बोले लोगों की दिशाहीन’’ पार्टी करार देकर खारिज कर दिया, जो टेलीविजन के माध्यम से प्रासंगिक बने रहने के लिए भाषण देते हैं।
राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में अपने ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ‘मनुस्मृति वाली सोच’ की कड़ी आलोचना की और महिलाओं से ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ का आह्वान किया।
नेता प्रतिपक्ष ने साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने जंतर-मंतर पर हालिया विरोध-प्रदर्शन के दौरान लड़कियों द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने की बात सुनकर कथित तौर पर हैरानी जताई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता चित्रा वाघ के उस सवाल का जवाब देना चाहिए कि वह महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने से क्यों इनकार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक प्रक्रिया में संसद सबसे बड़ी संस्था है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि 33 प्रतिशत सांसद महिलाएं हों।
फडणवीस ने कहा, ‘‘पुणे आकर महिलाओं के बारे में बात करना और फिर उसी विधेयक का विरोध करना, जो उन्हें असल ताकत देगा, यह राहुल गांधी का पाखंडपूर्ण रवैया है।’’
उन्होंने कहा कि मंच से तो राहुल गांधी ने महिलाओं के सशक्तीकरण की बात की, लेकिन महिलाओं को अधिकार देने वाले सबसे क्रांतिकारी कदम महिला आरक्षण विधेयक का उन्होंने विरोध किया और उसके खिलाफ मत दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह महिलाओं को अधिकार नहीं देना चाहते। मेरा मानना है कि उनकी कथनी और करनी में मेल नहीं है।’’
फडणवीस ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उसे ‘‘दिखावा करने वालों और बड़बोले लोगों की दिशाहीन पार्टी’’ करार दिया।
उन्होंने दावा किया, ‘‘उनका काम बस रोज भाषण देना और टेलीविजन के ज़रिए चर्चा में बने रहना है। वे केवल यही करते हैं। वे जमीनी हकीकत से बेखबर हैं। यह पार्टी केवल बयान जारी करने तक ही सीमित रह गई है।’’
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप

Facebook


