मुंबई, 14 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने निकाय चुनावों के प्रचार समाप्त होने के बाद भी घर-घर जाकर संपर्क करने की अनुमति देने को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) की बुधवार को कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि इससे सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति को मदद मिल रही है।
ठाकरे ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि आयोग बृहस्पतिवार को होने वाले चुनाव से ठीक पहले नियम बदल रहा है। उन्होंने दावा किया, “एसईसी सरकार को वह चुनाव जिताने में मदद कर रहा है, जो वह पहले ही हार चुकी है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि अंतिम दिन तक घर-घर जाकर संपर्क की यह नयी व्यवस्था क्यों शुरू की गई, और लोकसभा व विधानसभा चुनावों में इसकी अनुमति क्यों नहीं थी।
ठाकरे ने पूछा, “यह छूट क्यों दी गई? नियम क्यों बदला गया? क्या एसईसी सरकार के इशारों पर काम कर रहा है?”
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि एसईसी ने भाजपा, अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को “घर-घर जाकर धन बांटने का लाइसेंस” दे दिया है।
चुनावों के लिए प्रचार अवधि मंगलवार शाम को समाप्त हो गई, लेकिन एसईसी ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार मतदाताओं के घर व्यक्तिगत संपर्क के लिए जा सकते हैं, बशर्ते व्यक्तियों की संख्या पांच से अधिक न हो और माइक्रोफोन का इस्तेमाल न किया जाए।
निर्वाचन आयोग ने 14 फरवरी 2012 के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का व्यक्तिगत संपर्क सार्वजनिक प्रचार की श्रेणी में नहीं आता।
राज ठाकरे ने मनसे व सहयोगी शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और सत्तारूढ़ दलों के उम्मीदवारों पर नजर रखने को कहा। उन्होंने दावा किया कि वे धन बांट सकते हैं।
भाषा खारी पवनेश
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