राउत ने बागी सांसद संजय पाटिल के बयान को लेकर उन पर कार्रवाई की मांग की
राउत ने बागी सांसद संजय पाटिल के बयान को लेकर उन पर कार्रवाई की मांग की
मुंबई, 25 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को पत्र लिखकर सांसद संजय पाटिल के एक बयान को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जो पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे।
राउत और पाटिल में आरोप-प्रत्यारोप के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि पुलिस धमकी देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।
शिवसेना (उबाठा) नेता ने दावा किया कि पाटिल के खिलाफ जगह-जगह पर प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पाटिल ने कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ प्रदर्शन करता है तो वह उन पर ‘‘बम फेंकेगे’’ और ‘‘उनके घरों में घुसकर उन्हें मार देंगे’’।
दोनों नेताओं के बीच विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी धमकियों से नहीं डराया जाना चाहिए और राज्य सरकार इस तरह के कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
राउत ने पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि पाटिल के कथित बयान आतंकवाद और आपराधिक मंशा के समान हैं।
उन्होंने दावा किया कि शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में हाल में शामिल हो गए उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) के छह सांसदों को लेकर जनता के बीच नाराजगी है।
राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में इस बगावत के खिलाफ लोगों में नाराजगी है और अनेक जगहों पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मतदाताओं के साथ ‘विश्वासघात’ हुआ है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन करना और उन्हें जवाबदेह ठहराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है।
राउत ने दावा किया कि हालांकि मुंबई उत्तर पूर्व के ‘बागी’ सांसद संजय पाटिल ने प्रदर्शनकारियों को जान से मारने की धमकी दी है।
शिवसेना (उबाठा) नेता ने आरोप लगाया कि पाटिल ने कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ प्रदर्शन करता है तो वह उन पर ‘‘बम फेंकेगे’’ और ‘‘उनके घरों में घुसकर उन्हें मार देंगे’’।
राउत ने कहा कि सांसद का बम फेंकने की धमकी देना बहुत चिंताजनक है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर ये बम उनके घर पर बनाए गए हैं या रखे गए हैं तो उनके परिसरों की तत्काल तलाशी ली जानी चाहिए। आतंकवाद निरोधक दस्ते की मदद ली जानी चाहिए। अगर ये बम किसी आतंकी संगठन या अपराधी नेटवर्क से मिलते हैं तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा हो जाता है।’’
गौरतलब है कि सत्तारूढ़ महायुति में शामिल शिवसेना की सदस्यता लेने वाले संजय पाटिल ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि जब उनके पिता दीना पाटिल (पूर्व कांग्रेस विधायक) पर हमला हुआ था तो पांच लोग मरे थे। उन्होंने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा

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