टीटीडी प्रमुख को लेकर जगन ने मुख्यमंत्री नायडू पर मंदिर की शुचिता से समझौता करने का आरोप लगाया

टीटीडी प्रमुख को लेकर जगन ने मुख्यमंत्री नायडू पर मंदिर की शुचिता से समझौता करने का आरोप लगाया

टीटीडी प्रमुख को लेकर जगन ने मुख्यमंत्री नायडू पर मंदिर की शुचिता से समझौता करने का आरोप लगाया
Modified Date: March 4, 2026 / 09:42 pm IST
Published Date: March 4, 2026 9:42 pm IST

अमरावती, चार मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश में विपक्षी वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को टीटीडी का अध्यक्ष नियुक्त कर मंदिर न्यास की शुचिता के साथ समझौता किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) अध्यक्ष बी आर नायडू का एक महिला के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद आई है।

हालांकि, टीटीडी अध्यक्ष ने इन आरोपों का खंडन किया है।

विपक्ष के नेता ने दावा किया कि टीटीडी के मंदिरों का प्रबंधन करने के लिये उत्तम चरित्र और आस्था रखने वाले ईमानदार व्यक्तियों की आवश्यकता होती है। टीटीडी मंदिरों में भारत और दुनिया के करोड़ों लोग कलियुग के साक्षात देवता के तौर पर भगवान वेंकटेश्वर की पूजा करते हैं।

रेड्डी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को टीटीडी का अध्यक्ष नियुक्त करके चंद्रबाबू नायडू ने मंदिर प्रशासन की विश्वसनीयता एवं शुचिता के साथ समझौता किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे पवित्र संस्थान का नेतृत्व ऐसे लोगों द्वारा किया जाना चाहिए जिनका चरित्र बेदाग हो और जो आस्थावान और सत्यनिष्ठ हों, लेकिन वर्तमान नेतृत्व ने इस पद को ‘राजनीतिक हितों के स्वार्थ’ का मंच बना दिया है।

बी आर नायडू को तेदेपा प्रमुख का विश्वसनीय माना जाता है।

रेड्डी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने आरोपों की जांच कराने के बजाय कथित तौर पर शिकायत को नजरअंदाज कर दिया और उसी व्यक्ति को टीटीडी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

उन्होंने तर्क दिया कि भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के प्रति सच्ची आस्था रखने वाला व्यक्ति ऐसे निर्णय नहीं लेगा और आरोप लगाया कि यह कदम मंदिर की शुचिता की रक्षा के प्रति निष्ठा के अभाव को दर्शाता है।

इन आरोपों का जवाब देते हुए, टीटीडी अध्यक्ष ने रेड्डी की आलोचना करते हुए हिंदुत्व और तिरुमला की पवित्रता के बारे में बोलने के उनके नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया।

टीटीडी अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह सत्य पूरी दुनिया को ज्ञात है कि आपको हिंदुत्व या भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। क्या आपको उनका नाम लेने का भी नैतिक अधिकार है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 से 2024 के बीच रेड्डी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान, उनके करीबी व्यक्तियों ने हिंदू धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाई और तिरुमला पहाड़ियों पर अन्य धर्मों के प्रचार की अनुमति दी।

भाषा रंजन संतोष

संतोष


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