रोहित पवार ने बारामती उपचुनाव निर्विरोध कराने की अपील की

रोहित पवार ने बारामती उपचुनाव निर्विरोध कराने की अपील की

रोहित पवार ने बारामती उपचुनाव निर्विरोध कराने की अपील की
Modified Date: April 6, 2026 / 12:30 pm IST
Published Date: April 6, 2026 12:30 pm IST

पुणे, छह अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बारामती उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की तैयारी के बीच राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने सोमवार को अन्य संभावित उम्मीदवारों से नामांकन पत्र दाखिल न करने और चुनाव निर्विरोध कराने की अपील की।

बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 23 अप्रैल को मतदान होना है। 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु के बाद यह उपचुनाव हो रहा है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार दोपहर करीब 12:30 बजे बारामती में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेताओं प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, हसन मुशरिफ, दत्तात्रेय भारणे और भाजपा के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगी।

इससे पहले उन्होंने कान्हेरी स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किए और अजित पवार के अंतिम संस्कार स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ उनके पुत्र जय और पार्थ पवार तथा तटकरे भी मौजूद थे।

रोहित पवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में निर्विरोध चुनाव की अपनी अपील दोहराई।

उन्होंने कहा, “आज सुनेत्रा काकी बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर रही हैं। हम सभी चाहते हैं कि यह चुनाव निर्विरोध हो। मैं अन्य इच्छुक उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे अपने नामांकन पत्र दाखिल न करें।”

उन्होंने लिखा कि यदि मुकाबला होता है तो बारामती की जनता इसे ऐसे देखेगी मानो अजित पवार स्वयं चुनाव मैदान में हों और सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड मतों से जिताएगी।

एक ओर विपक्षी दल राकांपा (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उबाठा) ने बारामती में निर्विरोध उपचुनाव के समर्थन की बात कही है, वहीं कांग्रेस ने अपने प्रदेश सचिव आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया है।

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था।

आकाश मोरे पूर्व एमएलसी विजय राव मोरे के पुत्र हैं और धनगर समुदाय से हैं।

इस बीच, राकांपा नेता और मंत्री दत्तात्रेय भरने ने बारामती में ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके से मुलाकात कर उनसे उपचुनाव न लड़ने की अपील की। हाके ने पहले चुनाव मैदान में उतरने की मंशा जताई थी।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा


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