साहिल ने हमें आईआईटी मुंबई में जातिवाद, उत्पीड़न का सामना करने के बारे में बताया था : माता-पिता

साहिल ने हमें आईआईटी मुंबई में जातिवाद, उत्पीड़न का सामना करने के बारे में बताया था : माता-पिता

साहिल ने हमें आईआईटी मुंबई में जातिवाद, उत्पीड़न का सामना करने के बारे में बताया था : माता-पिता
Modified Date: September 22, 2026 / 09:16 pm IST
Published Date: September 22, 2026 9:16 pm IST

मुंबई, 22 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता ने मंगलवार को दावा किया कि बेटे ने उन्हें बताया था कि उसे संस्थान में जातिवादी टिप्पणियों और अपमान का सामना करना पड़ रहा था।

मुंबई पुलिस अपराध शाखा के कार्यालय जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए, उन्होंने सभी सबूतों की बारीकी से जांच करने और उनके बेटे की कथित आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

साहिल की मां सोनाली वाकोडे ने कहा, “मुझे अपराध शाखा पर पूरा भरोसा है और मैं अनुरोध करती हूं कि मेरे बेटे साहिल की मौत की जांच निष्पक्ष और पूरी तरह से प्राथमिकी के अनुसार की जाए। प्राथमिकी में दर्ज आरोपों और परिस्थितियों की ठीक से जांच होनी चाहिए और जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार पाए जाएं, उनके ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।”

उन्होंने दावा किया कि साहिल ने उन्हें बताया था कि जाति के आधार पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था, उसके साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा था और उसे अपमानित किया जा रहा था।

उन्होंने दावा किया, “उसने खास तौर पर हमें बताया था कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला कहते थे, ‘मैं ऊंची जाति का हूं और तुम नीची जाति के हो।’ साहिल ने हमें जो बताया, उसके मुताबिक यह सब लगभग तीन महीनों से चल रहा था।”

सोनाली वाकोडे ने बताया कि 13 सितंबर को जब वे साहिल से उसके छात्रावास के कमरे में मिलीं, तो उसने बताया कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा था और उसके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था।

उन्होंने कहा, “हमने उसे नैतिक समर्थन देने और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी, क्योंकि उसका आईआईटी में दाखिला हो गया था और उसका भविष्य उज्ज्वल था। अब पीछे मुड़कर देखने पर मुझे लगता है कि उसे हालात को बर्दाश्त करने के लिए कहना हमारी गलती थी।”

उन्होंने संस्थान के उस शुरुआती दावे पर भी आपत्ति जताई कि परीक्षा के दौरान उसे कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उन्होंने कहा कि जो कोई भी नकल का आरोप लगाता है, उसे सबूत देना चाहिए।

सोनाली ने कहा, “इन आरोपों को लेकर आईआईटी मुंबई के रुख या बयानों में जो बदलाव दिख रहा है, उसे लेकर भी मुझे चिंता है। मैं अधिकारियों से अनुरोध करती हूं कि वे इस मामले की बारीकी से जांच करें और यह पता लगाएं कि क्या इन आरोपों का कोई ठोस आधार है या फिर ये प्राथमिकी में उठाए गए मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं।”

साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने कहा कि सच तभी सामने आएगा जब इस मामले में आरोपी गिरफ्तार हो जाएंगे।

उन्होंने कहा, “साहिल एक होनहार छात्र था। जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास करना कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। उसकी अखिल भारतीय रैंक देखिए।”

साहिल के माता-पिता ने आईआईटी मुंबई के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे और प्रोफेसर डूला की तुरंत गिरफ्तारी की भी मांग की।

माता-पिता ने कहा कि उन्हें प्रशासन और संविधान पर भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा।

इस बीच, अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई के अधिकारियों, जिनमें प्रोफेसर डूला भी शामिल हैं, के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं और पूछताछ के लिए उन्हें जल्द ही बुलाया जाएगा।

ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र वाकोडे 18 सितंबर की शाम पवई परिसर स्थित अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान उसे कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिये चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


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