शीना बोरा हत्याकांड: अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी की विदेश यात्रा की अर्जी खारिज की

शीना बोरा हत्याकांड: अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी की विदेश यात्रा की अर्जी खारिज की

शीना बोरा हत्याकांड: अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी की विदेश यात्रा की अर्जी खारिज की
Modified Date: May 8, 2026 / 10:03 pm IST
Published Date: May 8, 2026 10:03 pm IST

मुंबई, आठ मई (भाषा) यहां की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को शीना बोरा हत्याकांड में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को दो सप्ताह के लिए स्पेन और ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के इस तर्क को खारिज नहीं किया जा सकता है कि उनके “फरार होने का खतरा” है।

विशेष न्यायाधीश जे.पी. डेरेकर ने कहा कि, बहुत कम गवाहों की जांच बाकी होने के कारण, मुकदमा “अंतिम चरण” में है और निकट भविष्य में इसके समाप्त होने की संभावना है।

न्यायाधीश ने कहा, “आरोपी संख्या एक (इंद्राणी मुखर्जी) गंभीर अपराधों के लिए मुकदमे का सामना कर रही हैं। वह ब्रिटेन की नागरिक हैं और ब्रिटेन तथा स्पेन में उनकी अचल संपत्तियां हैं। अभियोजन पक्ष को आशंका है कि वह भाग सकती हैं।”

मुखर्जी ने विदेश यात्रा के लिए एक नयी याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि ब्रिटेन और स्पेन में उनके बैंक खाते एक दशक से निष्क्रिय पड़े हैं, जिसके कारण उन्हें “गंभीर वित्तीय कठिनाई” का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे “अत्यावश्यक और बाध्यकारी परिस्थितियां” बताया था।

अधिवक्ता रणजीत सांगले के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया गया है कि उक्त निष्क्रिय बैंक खातों को पुनः सक्रिय करने और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक थी।

याचिका में कहा गया है कि स्पेन के मलागा में पंजीकृत उनकी वसीयत को अपडेट करने की भी आवश्यकता थी ताकि विवाह विच्छेद के बाद उनके पूर्व पति पीटर मुखर्जी को लाभार्थी के रूप में हटाया जा सके।

उन्होंने दावा किया कि चूंकि मुकदमा प्रतिदिन के आधार पर चल रहा है, इसलिए वह किसी भी लाभकारी रोजगार से जुड़ने में असमर्थ है।

याचिका में दावा किया गया है, “उन्हें विदेश यात्रा की अत्यावश्यकता है और उनकी आर्थिक तंगी आज तक बनी हुई है। उन्हें गंभीर आर्थिक कठिनाई और जीवनयापन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।”

सीबीआई की ओर से पेश सरकारी वकील सी. जे. ने उनकी याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि यह “भ्रामक, निराधार और खारिज किए जाने योग्य” है।

सीबीआई ने कहा कि वह अपनी यात्रा के लिए किसी भी अत्यावश्यक, बाध्यकारी या अपरिहार्य परिस्थिति को साबित करने में विफल रही हैं।

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश


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