महाराष्ट्र के मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद सोमैया को कोल्हापुर जाने से रोका गया

महाराष्ट्र के मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद सोमैया को कोल्हापुर जाने से रोका गया

Edited By: , September 20, 2021 / 02:53 PM IST

पुणे (महाराष्ट्र), 20 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सोमवार को दावा किया कि कोल्हापुर जाते समय पुलिस ने उन्हें महाराष्ट्र के सातारा जिले के कराड में ही रोक दिया।

सोमैया ने रविवार को भी दावा किया था कि महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुशरिफ पर उनके द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें कोल्हापुर जाने से रोका। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि वह जल्द ही कोल्हापुर के कागल जाएंगे और मंत्री के खिलाफ कथित अनियमितताओं को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। मुशरिफ इसी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सोमैया ने ग्रामीण विकास मंत्री एवं कोल्हापुर जिले के कागल से विधायक मुशरिफ पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने तथा रिश्तेदारों के नाम पर ‘बेनामी’ संपत्ति रखने का 13 सितंबर को आरोप लगाया था। मुशरिफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।

कोल्हापुर जाने के लिए रविवार रात मुंबई में महालक्ष्मी एक्सप्रेस में सवार हुए सोमैया ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, ‘‘ पुलिस ने मुझे कराड में निषेधाज्ञा के तहत रोका।’’

कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकावड़े ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि जिला पुलिस की एक टीम कराड पहुंची और सोमैया को कराड रेलवे स्टेशन पर रोका गया और (निषेधात्मक) आदेश की एक प्रति दी गई।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ जब हमने उन्हें बताया कि उन्हें जिले में प्रवेश करने से मना किया गया है, तो उन्होंने सहयोग किया और अब वह कराड में एक संवाददाता सम्मेलन करने के बाद वापस लौटेंगे।’’

सोमैया ने रविवार को कोल्हापुर कलेक्टर राहुल रेखावर के एक आदेश को साझा किया था, जिसमें कहा गया था कि भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत ‘‘उनकी (सोमैया की) जान को खतरा व उनके दौरे के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बिगड़ने आशंका को देखते हुए’’ जिले में उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि पुलिस गणपति विसर्जन में व्यस्त रहेगी और सोमैया को सुरक्षा मुहैया कराना संभव नहीं होगा।

मुंबई के नवघर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुनील कांबले ने भी सोमैया को नोटिस जारी कर उनसे कोल्हापुर प्रशासन के आदेश का पालन करने को कहा है। सोमैया का मुलंड स्थित आवास नवघर थाना क्षेत्र में आता है।

सोमैया ने ट्वीट करके इसे उद्धव ठाकरे सरकार की ‘‘दादागीरी’’ बताया।

इस बीच, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इस कदम को तानाशाही वाला बताया और कहा कि ठाकरे सरकार सोमैया की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा और सोमैया भ्रष्टाचार के इन मामलों को तार्किक परिणति तक पहुंचाएंगे।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे नीत महा विकास आघाड़ी (एमवी) सरकार है, जिसमें शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस शामिल हैं।

भाजपा नेता सोमैया ने सोमवार को कराड में पत्रकारों के समक्ष दावा किया कि पुलिस ने उन्हें रविवार रात दक्षिण मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर कोल्हापुर जाने वाली ट्रेन में चढ़ने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीएसएमटी के बाहर के इलाके की घेराबंदी कर दी गई और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे सीएमएसटी के बाहर इसलिए रोका गया ताकि मैं ट्रेन में ना चढ़ पाऊं।’’

उन्होंने मुंबई पुलिस पर जालसाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें कोल्हापुर जिला प्रशासन द्वारा एक आदेश दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्हें मुंबई छोड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘ कराड में आज सुबह जब कोल्हापुर पुलिस ने मुझे आदेश की प्रति दी, तो उसमें ऐसा कोई उल्लेख नहीं था कि मुझे मुंबई से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’’

सोमैया ने कहा कि वह ‘‘गरैकानूनी तरीके से उन्हें हिरासत में लेने’’ और मुंबई में जारी आदेश के खिलाफ अदालत का रुख करेंगे।

उन्होंने कहा कि कोल्हापुर जिला प्रशासन के आदेश में उनके वहां जाने पर उनकी जान को खतरे की आशंका का जिक्र है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ ऐसा इसलिए है क्योंकि मैंने मुशरिफ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मुझपर हमला करने की योजना थी।’’

भाजपा नेता ने कहा कि वह मुशरिफ के खिलाफ 2700 पन्नों की शिकायत के साथ आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सहकारिता मंत्रालय से संपर्क कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरी शिकायत के आधार पर, जांच भी शुरू हो गई है। ईडी ने मुझसे अतिरिक्त जानकारी मांगी है और मैं उन्हें वह जानकारी दूंगा।’’

सोमैया ने मुशरिफ से पूछा कि धन शोधन के जरिए उनकी कम्पनी को कथित तौर पर 127 करोड़ रुपये कैसे भेजे गए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 98 करोड़ रुपये ‘फर्जी’ कम्पनियों के माध्यम से ‘सर सेनापति संताजी घोरपड़े शुगर फैक्ट्री लिमिटेड’ (जिसमें मुशरिफ के परिवार के सदस्य निदेशक हैं) को हस्तांतरित किए गए थे। उन्होंने मुशरिफ पर घोटाला करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुशरिफ पर अप्पासाहेब गढ़िंगलाज सहकारी चीनी मिल में भी 100 करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया।

भाषा निहारिका शाहिद

शाहिद