छात्र आत्महत्या: आईआईटी मुंबई के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

छात्र आत्महत्या: आईआईटी मुंबई के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

छात्र आत्महत्या: आईआईटी मुंबई के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में
Modified Date: September 21, 2026 / 04:29 pm IST
Published Date: September 21, 2026 4:29 pm IST

मुंबई, 21 सितंबर (भाषा) पुलिस ने 22 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के मामले में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सोमवार को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, आईआईटी मुंबई के पवई परिसर में ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे शुक्रवार शाम अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका मिला। यह घटना मध्यावधि परीक्षा के दौरान उसके कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद हुई।

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले वाकोडे के परिवार ने आरोप लगाया है कि इस कदम से पहले उसे संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इसके बाद छात्रों ने परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि वाकोडे पर पढ़ाई से जुड़े निलंबन की धमकी और काफी दबाव था।

कुछ छात्रों ने शैक्षणिक दबाव और संस्थान की कार्यप्रणाली को लेकर भी चिंता जताई।

एक अधिकारी ने बताया कि कई स्थानीय निवासियों और पूर्व छात्रों ने परिसर में जाने का प्रयास किया। अधिकारी ने बताया कि हालांकि, एहतियाती कदम के तौर पर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि केवल मौजूदा छात्रों और अधिकृत कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति है।

आईआईटी मुंबई प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य संस्थान के मुख्य द्वार के बाहर एकत्र हुए।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “बाहरी संगठनों के कुछ प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार पर एकत्र हुए थे। उन्हें तुरंत वहां से हटा दिया गया और एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।”

एक छात्र ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि वह वाकोडे के बगल वाले कमरे में रहता था और दोनों अक्सर साथ समय बिताते थे। उसने कहा, “यहां छात्रों पर पढ़ाई का काफी दबाव रहता है, जिस पर प्रबंधन को ध्यान देना चाहिए। हालांकि, मैंने व्यक्तिगत रूप से परिसर में जातिगत भेदभाव कभी नहीं देखा। घटना वाले दिन एक प्रोफेसर कथित तौर पर साहिल को कक्षा से बाहर ले गए थे, क्योंकि वह कथित तौर पर नकल करते पकड़ा गया था। ऐसा लगता है कि उसके साथ कुछ गंभीर हुआ होगा, जिसके कारण उसने इतना बड़ा कदम उठाया।”

छात्र संगठनों और पूर्व छात्रों ने प्रशासन के स्तर पर व्यवस्था संबंधी समस्याओं का आरोप लगाया है।

संस्थान के पूर्व छात्र प्रणव जीवन ने छात्र मामलों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों से निपटने के संस्थान के तरीके की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया, “प्रशासन अक्सर छात्रावास से निकालने, निलंबन और भारी आर्थिक जुर्माने की मनमानी धमकियां देकर छात्रों को दंडित करता है। यहां तक कि एक नाटक आयोजित करने के लिए छात्रों पर 1.5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। पिछली घटनाओं के बावजूद परिसर में जातिगत संवेदनशीलता को लेकर प्रभावी व्यवस्था, पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता और भेदभाव से निपटने के लिए सशक्त एससी/एसटी प्रकोष्ठ का अभाव है।”

जीवन ने दावा किया कि विस्तृत जांच से पहले जारी किए गए आधिकारिक बयानों का उद्देश्य संकाय सदस्यों को बचाना था। उन्होंने कहा कि संकाय में आरक्षण संबंधी नियमों का अनुपालन नहीं किया जाना भी एक मूल समस्या है, जिस पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है।

प्रदर्शन को देखते हुए संस्थान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

एक अधिकारी ने बताया कि परिसर के आसपास निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और महिला पुलिसकर्मियों समेत करीब 50 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मुख्य द्वारों पर पुलिस की कई वैन भी खड़ी की गई हैं।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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