टीसीएस मामला : अदालत ने गिरफ्तार सॉफ्टवेयर पेशेवर को अंतरिम राहत देने से इनकार किया
टीसीएस मामला : अदालत ने गिरफ्तार सॉफ्टवेयर पेशेवर को अंतरिम राहत देने से इनकार किया
नासिक, 22 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक अदालत ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कर्मचारी दानिश शेख को कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से संबंधित एक अन्य मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
इस मामले में दर्ज नौ प्राथमिकियों में से एक में 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर पेशेवर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
उसने मुंबई नाका थाने में दर्ज मामले में अंतरिम जमानत मांगी है।
बचाव पक्ष ने मुख्य याचिका पर निर्णय होने तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मांगी थी।
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि उसे अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए।
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने मंगलवार को शेख को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया और अभियोजन पक्ष को 27 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
इस विशेष मामले में, शेख पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के निए जानबूझकर किए गए कृत्य) और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टीसीएस की स्थानीय इकाई में महिला कर्मचारियों के कथित शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के संबंध में दर्ज कुल नौ मामलों की जांच एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है।
टीसीएस की नासिक इकाई में कार्यरत एक महिला एचआर मैनेजर सहित आठ कर्मचारियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों ने भी जमानत याचिका दायर की है जिस पर आने वाले दिनों में सुनवाई होगी।
टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि उसके यहां किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति लंबे समय से है और नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश

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