टीसीएस मामला: परिवार ने अरोपी को ‘मेहनती’ बताया; आरोपों को राजनीति-ईर्ष्या की देन बताया
टीसीएस मामला: परिवार ने अरोपी को ‘मेहनती’ बताया; आरोपों को राजनीति-ईर्ष्या की देन बताया
(अविनाश चतुर्वेदी)
नासिक, 19 अप्रैल (भाषा) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कर्मचारी रजा रफीक मेमन के परिवार ने रविवार को यहां कहा कि मेमन के खिलाफ लगाए गए ‘झूठे’ यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों का कारण आंतरिक पेशेवर प्रतिद्वंद्विता और कार्यालय की राजनीति है। परिवार ने मेमन को ‘मेहनती’ कर्मचारी बताया।
‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में मेमन के चाचा अयाज काजी ने कहा कि यह मामला मेमन के शैक्षणिक और पेशेवर प्रदर्शन के चलते एक सुनियोजित ‘षड्यंत्र’ का हिस्सा है।
मेमन, जो वर्तमान में 20 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में हैं, नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक इकाई में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोपों के बाद गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में शामिल हैं।
उन्होंने उस टीम का नेतृत्व किया जिसमें शिकायतकर्ता और मुख्य आरोपी दानिश शेख दोनों शामिल थे।
मेमन के परिवार ने कहा कि प्राथमिक आरोप शेख के खिलाफ हैं और यदि वह दोषी हैं, तो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए।
काजी ने कहा, ‘‘मेरे भतीजे के खिलाफ आरोप शैक्षणिक और पेशेवर प्रदर्शन से प्रेरित एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।’’
चाचा ने बताया कि मेमन एक साधारण परिवार से आते हैं और उन्होंने पिछले साल कंपनी की आंतरिक परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया था, जिससे अन्य सहकर्मियों में ईर्ष्या पैदा हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘उसका शीर्ष स्थान हासिल करना कंपनी में दूसरों को रास नहीं आया। यह कार्यालय की राजनीति से उपजी एक साजिश लगती है।’’
काजी ने अपने भतीजे को ‘मददगार’ स्वभाव का बताया और शिकायतकर्ताओं तथा मेमन के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि मेमन ने उन्हें, उनके निजी कारणों से जल्दी जाने की अनुमति दी थी।
टीसीएस की इकाई में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम ने नौ प्राथमिकी दर्ज करके एक महिला प्रबंधक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
नासिक पुलिस ने एक अन्य आरोपी निदा खान की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन टीमों को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है और उनमें से एक टीम ठाणे के पास मुंब्रा पहुंची है।
इस बीच, खान ने नासिक सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
उनके वकील ने अपने मुवक्किल पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उन पर किसी अन्य महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। याचिका में निदा खान ने अपनी दो महीने की गर्भावस्था को जमानत का आधार बताया है।
टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि उसने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है। कंपनी ने कहा कि उसके नासिक स्थित कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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