टीसीएस मामले में एक पुरुष कर्मचारी को धार्मिक टोपी पहनने व नमाज अदा करने के लिए मजबूर करने का आरोप
टीसीएस मामले में एक पुरुष कर्मचारी को धार्मिक टोपी पहनने व नमाज अदा करने के लिए मजबूर करने का आरोप
नासिक (महाराष्ट्र), 24 अप्रैल (भाषा) पुलिस ने नासिक में टीसीएस के कार्यालय में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को हिरासत में दिए जाने का अनुरोध करते हुए शुक्रवार को एक अदालत से कहा कि आरोपियों ने अपने 35 वर्षीय सहकर्मी को धार्मिक टोपी पहनने और नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया।
मजिस्ट्रेट अदालत ने तौसीफ अत्तार (36), दानिश शेख (32), शाहरुख कुरैशी (34) और रजा रफीक मेमन (35) को मामले में 29 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
आरोपी इससे पहले न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें ‘सीनियर एनलिस्ट’ के रूप में काम करने वाले शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर मुंबईनाका थाने में दर्ज मामले में 23 अप्रैल को फिर से गिरफ्तार कर शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया।
शेख और अन्य तीन आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
सुनवाई के दौरान, अभियोजकों किरण बेंदभर और अनिकेत अवध ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी दस दिन की हिरासत मांगी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उसकी धार्मिक आस्थाओं को निशाना बनाया और हिंदू देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने कहा कि एक बार आरोपियों ने उसे धार्मिक टोपी पहनने और नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया, और इसका वीडियो कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया गया।
पुलिस ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता को धर्मांतरण के प्रयास के तहत मांसाहारी भोजन खाने के लिए भी मजबूर किया गया।
पुलिस ने हिरासत में कहा कि इसके अलावा आरोपियों ने हिंदू महिलाओं, शिकायतकर्ता की पत्नी और दंपति के बच्चे न होने पर अभद्र टिप्पणियां कीं।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता से अपने काम करवाए और कंपनी के मुख्यालय को झूठी प्रदर्शन रिपोर्ट भेजी।
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश

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