टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामला: नासिक अदालत ने पांच आरोपियों को जमानत दी

टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामला: नासिक अदालत ने पांच आरोपियों को जमानत दी

टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामला: नासिक अदालत ने पांच आरोपियों को जमानत दी
Modified Date: August 2, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: August 2, 2026 10:02 pm IST

नासिक, दो अगस्त (भाषा) नासिक की एक अदालत ने सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले के पांच आरोपियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और जांच लगभग पूरी हो चुकी है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित विनायक खरकर ने 30 जुलाई को रजा रफीक मेमन, आसिफ आफताब अंसारी, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, शफी भिकन शेख और तौसीफ बिलाल अत्तार की जमानत याचिकाएं मंजूर कर लीं। इन सभी को नासिक के मुंबई नाका पुलिस थाने में दर्ज कई प्राथमिकी के सिलसिले में जमानत दी गई।

अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों के रिहा होने पर उनके द्वारा गवाहों को धमकाने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की गंभीर आशंका नहीं है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी और पीड़िता टीसीएस की नासिक इकाई में साथ काम करते थे।

पुलिस का आरोप है कि रजा रफीक मेमन ने पीड़िता पर यौन टिप्पणी की, उसे अनुचित तरीके से छुआ, यौन संबंध बनाने की मांग की और अपने धर्म की प्रशंसा करते हुए उसके धर्म को नीचा दिखाया। पुलिस के अनुसार, अन्य आरोपियों ने भी उसके इस व्यवहार का समर्थन किया।

अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों ने पीड़िता की खराब आर्थिक स्थिति का अनुचित लाभ उठाया, जिसके कारण उसे विषाक्त कार्य वातावरण में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राहुल कसलीवाल ने दलील दी कि कथित टिप्पणियां, यदि उन्हें सही भी मान लिया जाए, तो वे कार्यालय में होने वाली ‘‘हल्की-फुल्की मजाक’’ की बातचीत थीं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी तीन महीने से अधिक समय से जेल में हैं।

अदालत ने कहा, ‘‘आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। जांच लगभग पूरी हो चुकी है। आरोपियों के रिहा होने पर उनके द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाहों को धमकाने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की कोई गंभीर आशंका नहीं है।’’

जमानत देते हुए अदालत ने कई शर्तें भी लगाईं। इसके अनुसार आरोपियों को मुकदमे की समाप्ति तक प्रत्येक शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे से शाम चार बजे के बीच संबंधित पुलिस थाने में हाजिरी लगानी होगी। इसके अनुसार उन्हें शिकायतकर्ता के कार्यस्थल और आवासीय क्षेत्र में जाने, शिकायतकर्ता, गवाहों या मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने पर भी रोक लगाई गई है।

विशेष जांच दल (एसआईटी) टीसीएस की नासिक इकाई में महिला कर्मचारियों के कथित शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाएं आहत करने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े कुल नौ मामलों की जांच कर रहा है।

टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाती रही है तथा नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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