ठाणे में सड़क दुर्घटना मामले में मृतक के परिजनों को 44.13 लाख रुपये मुआवजा

ठाणे में सड़क दुर्घटना मामले में मृतक के परिजनों को 44.13 लाख रुपये मुआवजा

ठाणे में सड़क दुर्घटना मामले में मृतक के परिजनों को 44.13 लाख रुपये मुआवजा
Modified Date: April 3, 2026 / 12:51 pm IST
Published Date: April 3, 2026 12:51 pm IST

ठाणे, तीन अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2020 में एक जेसीबी क्रेन की टक्कर से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 44.13 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

न्यायाधिकरण के सदस्य आर. वी. मोहिते ने क्रेन मालिक और बीमा कंपनी ‘न्यू इंडिया एश्योरेंस’ को संयुक्त रूप से याचिका दाखिल करने की तारीख से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजे की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।

इस संबंध में 24 मार्च आदेश जारी किया गया था लेकिन इसकी प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई।

यह दुर्घटना पांच फरवरी, 2020 को हुई थी, जब प्रभाकर बजरंगी शर्मा ( 46 ) एक मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे हुए थे। तभी एक तेज रफ्तार जेसीबी क्रेन ने पहले पैदल जा रहे एक यात्री को टक्कर मारी और फिर दोपहिया वाहन को टक्कर मारते हुए शर्मा को कुचल दिया।

एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सहायक प्रबंधक के रूप में कार्यरत शर्मा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

बीमा कंपनी ने न्यायाधिकरण के समक्ष तर्क दिया कि मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही थी। हालांकि, सबूतों के अभाव में इन दावों को खारिज कर दिया गया।

मोहिते ने अपने आदेश में कहा, ‘रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से पता चलता है कि दुर्घटना करने वाले वाहन (क्रेन) का चालक क्रेन को लापरवाही और तेज गति से चला रहा था।’

बीमा कंपनी ने यह दावा करते हुए अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की कि क्रेन चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था।

हालांकि, इसे तकनीकी आपत्ति बताकर खारिज कर दिया गया।

न्यायाधिकरण के अनुसार, जेसीबी का वजन 7,460 किलोग्राम था, जो ‘लाइट मोटर व्हीकल’ (एलएमवी) श्रेणी में आता है, जिसके लिए चालक के पास वैध लाइसेंस था।

मृतक की पत्नी और तीन बेटों को न्यायाधिकरण ने 44.13 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

भाषा

प्रचेता मनीषा

मनीषा


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