ई-चालान के खिलाफ आंदोलन करेंगे महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्टर, अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान
ई-चालान के खिलाफ आंदोलन करेंगे महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्टर, अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान
मुंबई, पांच मार्च (भाषा) महाराष्ट्र में विभिन्न ट्रांसपोर्टर ने ‘‘मनमाने और अत्यधिक’’ ई-चालान तथा अन्य समस्याओं के विरोध में बृहस्पतिवार से राज्यव्यापी ‘‘चक्का जाम’’ का एलान किया तथा आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी।
महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त के कार्यालय में बुधवार शाम हुई वार्ता के अंतिम दौर में भी कोई खास निष्कर्ष नहीं निकलने के बाद ‘महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमेटी’ (एम-टीएसी) ने कहा कि वह हड़ताल पर जाने का निर्णय लेगी।
एम-टीएसी के प्रतिनिधियों के अनुसार, ट्रांसपोर्टर मुंबई के आजाद मैदान में और राज्य के अन्य हिस्सों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसके बाद वह रात से हड़ताल पर रहेंगे।
एम-टीएसी ने कहा कि अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान स्कूल बसें, अनुबंध पर चलने वाली बसें, निजी बसें और ट्रक, टेम्पो, टैक्सी तथा टैंकर सहित वाणिज्यिक वाहन नहीं चलेंगे। ट्रांसपोर्टर ने विरोध स्थलों पर अपने वाहन लाने की भी धमकी दी है।
‘स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन’ के पदाधिकारी अनिल गर्ग ने बुधवार को कहा था कि अगर अनिश्चितकालीन हड़ताल होती है तो शुक्रवार से राज्य भर में स्कूल बसें नहीं चलेंगी, हालांकि बृहस्पतिवार को उनकी सेवाएं प्रभावित नहीं रहेंगी।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने भी इस सप्ताह की शुरुआत में यहां महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) मुख्यालय में ट्रांसपोर्टर के साथ एक बैठक की थी, लेकिन एम-टीएसी ने कहा कि सरकार की ओर से ‘‘खोखले आश्वासनों’’ के कारण बातचीत में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला।
सरनाइक ने ट्रांसपोर्टर से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार खड़ी गाड़ियों को जारी किए गए ‘‘अन्यायपूर्ण’’ ई-चालान को रद्द करने के बारे में सकारात्मक है और इस मामले पर अनुकूल निर्णय लेगी।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि परिवहन आयुक्त के कार्यालय ने सभी आरटीओ को नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने के निर्देश दिए जबकि कानून-व्यवस्था के बिगड़ने की स्थिति पैदा होने जैसी घटना अगर होती है तो कार्यालय को सूचित करने के लिए कहा।
अधिकारी ने बताया कि हड़ताल जारी रहने तक सभी आरटीओ को प्रतिदिन शाम पांच बजे से पहले एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में उनके अधिकार क्षेत्र में हड़ताल के प्रभाव, आवश्यक वस्तुओं और यात्रियों की आवाजाही की स्थिति, जनता को राहत प्रदान करने के लिए उठाए गए निवारक कदम और हड़ताल के दौरान सामने आई समस्याओं जैसी जानकारी शामिल होनी चाहिए।
एम-टीएसी ने कहा कि यह आंदोलन इलेक्ट्रॉनिक यातायात प्रवर्तन की ‘‘मनमानी’’ कार्रवाई तथा परिवहन क्षेत्र पर बढ़ते वित्तीय बोझ के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है।
एम-टीएसी द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में सरकार को सौंपे गए ज्ञापन के जरिए ई-चालान प्रणाली में बड़े सुधार, लंबित जुर्माने की माफी और वाणिज्यिक वाहनों पर लगाए जाने वाले कर तथा टोल शुल्कों में कमी शामिल है।
भाषा यासिर माधव
माधव

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