Football Coach Harassment Case : खेल के मैदान में दरिंदगी! नामी फुटबॉल कोच ने खिलाड़ी के इस अंग में डाल दी उंगली, पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल, लगे कई गंभीर आरोप
चंडीगढ़ के एक स्टेडियम में नाबालिग फुटबॉलर के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में FIR दर्ज होने में देरी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। मामला POCSO एक्ट के तहत दर्ज है और जांच जारी है।
Football Coach Harassment Case / Image Source : AI
- चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल खिलाड़ी से कथित छेड़छाड़
- नामी कोच पर गंभीर आरोप
- POCSO ई-बॉक्स पर शिकायत के बाद पुलिस में केस दर्ज
चंडीगढ़: Football Coach Harassment Case पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के एक स्पोर्ट्स स्टेडियम में टूर्नामेंट के दौरान 15 वर्षीय नाबालिग फुटबॉल प्लेयर के साथ यौन उत्पीड़न की शर्मनाक घटना सामने आई है। पीड़ित खिलाड़ी ने एक नामी फुटबॉल कोच पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना जनवरी 2026 के आखिरी हफ्ते में एक मैच के दौरान हुई, जब दो टीमों के बीच हुए विवाद का फायदा उठाकर आरोपी ने इस हरकत को अंजाम दिया।
क्या है पूरा मामला ?
मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना इसी साल जनवरी के आखिरी के दौरान शुरू हुई, जहाँ विभिन्न स्कूलों और अकादमियों की टीमें हिस्सा लेने आई थीं। एक मैच के दौरान दो टीमों के बीच विवाद हो गया और इसी गहमागहमी के बीच नाबालिग के पीछे ऊँगली दाल दी, जिससे वह काफी डर गया। पीड़ित खिलाड़ी ने तुरंत इस बात की जानकारी अपने सीनियर और कोच को दी, जिसके बाद 28 जनवरी को POCSO ई-बॉक्स और अगले दिन 29 जनवरी को चंडीगढ़ पुलिस के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई। ( Chandigarh Football Tournament Scandal ) हालांकि, इस गंभीर मामले में पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने में करीब डेढ़ महीने की देरी की गई फिर 12 मार्च 2026 को केस दर्ज हुआ।
पुलिस पर शिकायतकर्ताओं और गवाहों को धमकाने के आरोप
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि घटना के करीब डेढ़ महीने बाद 12 मार्च 2026 को FIR दर्ज की गई और अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय शिकायतकर्ताओं और गवाहों को धमका रही है और उन पर दबाव डाल रही है।
FIR की कॉपी न देने जैसे गंभीर आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिस अधिकारी बिना अनुमति के हथियार लेकर एकेडमी में घुस रहे हैं, जिससे वहां मौजूद बच्चे दहशत में हैं। ( Chandigarh Police News )इसके अलावा, गवाहों के बयानों को बदलने और FIR की कॉपी न देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।इस मामले में नया मोड़ तब आया जब शुरुआती शिकायतकर्ता ने पुलिस के बार-बार संपर्क और व्यक्तिगत परेशानियों के कारण खुद को केस से अलग कर लिया।
लिखित शिकयत में निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार
शिकायतकर्ता के पीछे हटने के बाद एकेडमी के मालिक ने इस लड़ाई को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली है। वहीं पुलिस का कहना है कि POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है और परिजनों को FIR की कॉपी उपलब्ध करा दी गई है। फिलहाल, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और प्रशासन के बड़े अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई गई है।
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