प्रतिबंध के बावजूद 22 पेड़ काटने पर क्यों न नासिक नगर निकाय से 22 करोड़ रु वसूले जाए : एनजीटी

प्रतिबंध के बावजूद 22 पेड़ काटने पर क्यों न नासिक नगर निकाय से 22 करोड़ रु वसूले जाए : एनजीटी

प्रतिबंध के बावजूद 22 पेड़ काटने पर क्यों न नासिक नगर निकाय से 22 करोड़ रु वसूले जाए : एनजीटी
Modified Date: April 29, 2026 / 06:27 pm IST
Published Date: April 29, 2026 6:27 pm IST

नासिक, 29 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नासिक महानगरपालिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर सवाल किया है कि शहर में पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध के बावजूद 22 पेड़ काटने के लिए उससे क्यों न 22 करोड़ रुपये वसूले जाने चाहिए।

एनजीटी ने इसी के साथ नासिक में पेड़ काटने पर रोक की मियाद भी 19 जून तक बढ़ा दी।

हरित अधिकरण ने 28 अप्रैल को मामले की सुनवाई की। इस दौरान आवेदक और पर्यावरणविद मनीष बाविस्कर ने एनजीटी को सूचित किया कि रोक के बावजूद नासिक में 22 पेड़ काटे गए थे।

उन्होंने अधिकरण से अनुरोध किया कि नासिक महानगरपालिका (एनएमसी) की आयुक्त मनीषा खत्री और नगर निकाय के उद्यान अधीक्षक विवेक भदाणे से व्यक्तिगत रूप से 22 करोड़ रुपये वसूले जाएं।

सुनवाई के दौरान वकीलों की एक टीम ने अधिकरण के समक्ष एनएमसी का पक्ष रखा।

एनजीटी ने नासिक में पेड़ों की कटाई पर रोक को 19 जून तक बढ़ा दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि आपातकालीन स्थितियों में, विशेष अनुमति प्राप्त करने के बाद ही (वृक्ष काटने की) कार्रवाई की जा सकती है।

रोक के बावजूद पेड़ों की कटाई के आरोपों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए, एनजीटी ने एनएमसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा कि यह राशि नगर निकाय से क्यों वसूल नहीं की जानी चाहिए।

इसके अलावा, एनएमसी के आयुक्त, उद्यान अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों को कथित पेड़ों की कटाई के मामले में दो सप्ताह के भीतर अपना रुख स्पष्ट करने का आदेश भी जारी किया गया।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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