भाजपा की विचारधारा वाले साहित्य में महिलाओं को हीन समझा जाता है : महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख

भाजपा की विचारधारा वाले साहित्य में महिलाओं को हीन समझा जाता है : महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख

भाजपा की विचारधारा वाले साहित्य में महिलाओं को हीन समझा जाता है : महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख
Modified Date: April 22, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: April 22, 2026 7:01 pm IST

मुंबई, 22 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलने का “कोई अधिकार” नहीं है। उन्होंने भाजपा को ‘मुनस्मृति’ सहित अन्य साहित्य को खारिज करने की चुनौती दी, जिनमें उसकी विचारधारा झलकती है।

सपकाल ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि भाजपा की विचारधारा इन्हीं साहित्य में निहित है, जिनमें महिलाओं को हीन समझा जाता है।

उन्होंने कहा, “भाजपा को पहले ‘बंच ऑफ थॉट्स’ और ‘मनुस्मृति’ को जला देना चाहिए और फिर महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलना चाहिए। अगर पार्टी में हिम्मत है, तो उसे एक महिला को आरएसएस प्रमुख के रूप में नियुक्त करना चाहिए।”

‘बंच ऑफ थॉट्स’ आरएसएस के पूर्व प्रमुख एम एस गोलवलकर के निबंधों का संकलन है।

सपकाल ने पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू करने पर सावित्रीबाई फुले के साथ किए गए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए भाजपा से महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सावित्रीबाई फुले का विरोध करने वाले लोग उसी विचारधारा से जुड़े हैं, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा करती है।

सपकाल ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद में सभी दलों के समर्थन से पहले ही पारित हो चुका था। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता ने पिछले हफ्ते लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के गिरने का जिक्र करते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून परिसीमन से संबंधित था।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भारत के स्वरूप को बदलने और महाराष्ट्र को “गाय-पट्टी” में बदलने का प्रयास कर रही है।

सपकाल ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करके और बाद में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करके महिला सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक रूप से अग्रणी भूमिका निभाई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन सं‍वाददाताओं को धमकाया था, जिन्होंने वर्ली में महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी के मार्च के दौरान राज्य के मंत्री गिरीश महाजन पर भड़कने वाली महिला का वीडियो फिल्माया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

सपकाल ने कहा, “शर्मिंदगी का सामना करने के बाद भाजपा कार्यकर्ता अब विरोध-प्रदर्शन को कवर करने वाले संवाददाताओं को धमका रहे हैं। न तो कांग्रेस और न ही संवाददाताओं को ऐसी धमकियों से डरना चाहिए।”

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

भाजपा ने खरगे पर तमिलनाडु में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को “आतंकवादी” कहने का आरोप लगाया है।

भाषा पारुल माधव

माधव


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