विपक्ष की ‘पिछड़ी सोच’ के कारण महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं हुआ : फडणवीस
विपक्ष की 'पिछड़ी सोच' के कारण महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं हुआ : फडणवीस
(फोटो सहित)
मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के लिए सोमवार को विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनकी ‘पिछड़ी सोच’ ने भारत में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के एक ऐतिहासिक क्षण की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
फडणवीस ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए घोषणा की कि सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन अब राज्य भर की महिलाओं से एक करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य ‘जनमत’ का निर्माण करना और विपक्ष के महिला विरोधी रुख को उजागर करना है।
कांग्रेस ने पलटवार करते हुए सरकार से सवाल किया कि वह 2023 के महिला आरक्षण कानून को जनगणना और परिसीमन से क्यों जोड़ रही है।
फडणवीस ने कहा कि 17 अप्रैल देश की राजनीतिक और सामाजिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाला था, क्योंकि विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के वास्ते संसद में विधेयक पारित होने वाला था।
फडणवीस ने विपक्षी दलों पर निर्वाचित निकायों में महिलाओं के अधिकारों की ‘भ्रूणहत्या’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष ने अपनी प्रतिगामी सोच के कारण महिला आरक्षण विधेयक की हत्या कर दी।’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ‘‘अर्बन नक्सल’’ सोच किसी भी ऐसी चीज का विरोध करती है जो उसके राजनीतिक हितों के खिलाफ जाती है।
उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों की चिंताओं को दूर करने के लिए, भाजपा नीत सरकार ने मौजूदा सीटों में 50 प्रतिशत की आनुपातिक वृद्धि का आश्वासन दिया था, जिससे इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत से बढ़कर 23.87 प्रतिशत हो जाता।
लोकसभा में 17 अप्रैल को एक संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया, जिसका उद्देश्य 2029 में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीट की संख्या में वृद्धि करना था।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की आलोचना पर फडणवीस ने कहा कि विधेयक का कार्यान्वयन संवैधानिक रूप से जनगणना के पूरा होने और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़ा हुआ है।
इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करते हुए महिलाओं को दरकिनार कर रही है।
फडणवीस के संवाददाता सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य मंत्रिमंडल की महिला सदस्यों और मंच पर मौजूद भाजपा नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेलन में महिला मंत्री और नेता मौजूद थीं। हालांकि, महिला सशक्तिकरण का दावा करने वाले मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति देना जरूरी नहीं समझा।’’
उन्होंने 2023 के महिला आरक्षण कानून को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने के लिए भी सरकार पर निशाना साधा।
सावंत ने कहा कि कांग्रेस ने महिला कोटे को तत्काल लागू करने की मांग की है और तर्क दिया है कि इसे लोकसभा की मौजूदा संख्या के भीतर ही लागू किया जा सकता है।
भाषा आशीष नरेश
नरेश

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