कानून में महिलाओं का भरोसा समय पर न्याय दिलाने के लिए जरूरी : एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष राहटकर

कानून में महिलाओं का भरोसा समय पर न्याय दिलाने के लिए जरूरी : एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष राहटकर

कानून में महिलाओं का भरोसा समय पर न्याय दिलाने के लिए जरूरी : एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष राहटकर
Modified Date: April 22, 2026 / 11:11 am IST
Published Date: April 22, 2026 11:11 am IST

ठाणे, 22 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया राहटकर ने महिलाओं का कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समय पर न्याय दिलाने के लिए यह विश्वास बेहद जरूरी है।

उन्होंने मंगलवार को नवी मुंबई के बेलापुर में आयोजित महिला जनसुनवाई को संबोधित करते हुए कहा कि ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ जैसी पहल इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

उन्होंने कहा कि संस्थाओं पर महिलाओं का विश्वास बढ़ने से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और न्याय मिलने में देरी कम होगी।

राहटकर ने कहा, ‘‘महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जरूरी है कि ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल के तहत कानून और प्रशासन पर उनका भरोसा बढ़ाया जाए। ऐसी पहलें महिलाओं को न्याय दिलाने में बहुत मददगार साबित होंगी।’’

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने चिंता जतायी कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में महाराष्ट्र अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने इसे रोकने के लिए मजबूत निवारक कदम उठाने की जरूरत बतायी।

राहटकर ने सुझाव दिया कि हर जिले में पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक सप्ताह में एक दिन महिलाओं की शिकायतें सीधे सुनने के लिए तय करें, ताकि उनका त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने संरक्षण अधिकारियों, स्थानीय समितियों, वन स्टॉप सेंटर और पुलिस विभाग के बीच समन्वित कार्यप्रणाली तथा जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की नियमित संयुक्त समीक्षा बैठकों पर भी जोर दिया।

उन्होंने महिलाओं को निशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

मंगलवार को ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल के तहत आयोजित इस जनसुनवाई में 28 मामलों की सुनवाई की गई, जबकि बाकी शिकायतों के निस्तारण के लिए आठ दिन के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

राहटकर ने विश्वास जताया कि अधिकांश शिकायतों का सकारात्मक समाधान होगा। उन्होंने पारिवारिक विवादों के समाधान में काउंसलिंग और मध्यस्थता के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि घरेलू हिंसा के कई मामलों का समाधान परामर्शदाताओं और संरक्षण अधिकारियों की मदद से किया जा रहा है।

भाषा गोला वैभव

वैभव


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