Aaj ka Panchang: इन दुर्लभ संयोगों में हुआ नए साल का स्वागत! पूरे वर्ष बरसेगी हरी-हर की कृपा.. जान लें आज के शुभ मुहूर्त और अशुभ समय!
हिन्दू पंचांग की दृष्टि से, नववर्ष का स्वागत अत्यंत दुर्लभ संयोगों में हुआ है। आज (1 जनवरी 2026) का दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ रहा है, जो गुरु प्रदोष व्रत का दिन है। साथ ही आज के दिन, 3 शुभ संयोग पूरे वर्ष भर आध्यात्मिक उन्नति के संकेत दे रहे हैं। आइये विस्तारपूर्वक जानते हैं..
Aaj ka Panchang 1 January 2026/Image Source: IBC24
- तीन दुर्लभ शुभ योगों से चमकेगा पूरा वर्ष, जानें शुभ मुहूर्त!
- दुर्लभ संयोगों में हुआ नववर्ष का स्वागत!
Aaj ka Panchang (1 जनवरी 2026): हिन्दू पंचांग के अनुसार, नववर्ष 2026 की शुरुआत आज, यानी 1 जनवरी 2026 (गुरुवार), 3 शुभ एवं दुर्लभ संयोगों के साथ हो रही है। आज के दिन, पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी तिथि पर पड़ रहा है। आज गुरुवार होने से, गुरु प्रदोष व्रत का दिन है। गुरु प्रदोष व्रत, रोहिणी व्रत और रवि योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं।
Aaj ka Panchang (1 जनवरी 2026): इन 3 दुर्लभ संयोगों में हुआ नववर्ष का प्रारम्भ!
गुरु प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग
आज के दिन गुरुवार पड़ने से, गुरु प्रदोष व्रत कहलाता है। प्रदोष व्रत, त्रियोदशी तिथि के दिन ही रखा जाता है और यह भगवान शिव को समर्पित होता है। गुरुवार भगवान विष्णु का वार और गुरु प्रदोष व्रत होने से आज के दिन शिव-विष्णु (हरि-हर) की एकसाथ पूजा का एक सुनहरा अवसर है जो पूरे वर्ष सुख-समृद्धि, मानसिक शांति के साथ आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग
‘रोहिणी’ चंद्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र है। यह नक्षत्र बहुत ही शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में किया हुआ नया कार्य, खरीदी हुई ज़मीन या संपत्ति, किया हुआ निवेश आने वाले समय में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।
शुभ योग तथा रवि योग का महासंयोग
कोई भी नए एवं धार्मिक कार्यों के लिए दोपहर लगभग 12:09 से 12:51 बजे तक का समय अत्यधिक उत्तम है। जबकि रात को 10:48 बजे से अगले दिन सुबह 07:14 बजे तक रहेगा। ज्योतिष दृष्टि के अनुसार, आज का दिन नामकरण और नया वाहन खरीदने के लिए बहुत ही शुभ है। रवि योग रात में ग्रह दोष दूर करने में सहायक होते हैं।
आज 1 जनवरी 2026 के शुभ मुहूर्त!
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर लगभग 12:09 से 12:51 बजे (सर्वोत्तम कार्यों के लिए)।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:36 से 6:24 बजे (ध्यान-पूजा के लिए)।
अमृत काल: शाम 7:58 से 9:23 बजे।
रवि योग: रात 10:48 बजे से अगले दिन सुबह 7:14 बजे तक।
अशुभ समय (इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य न करें)
राहुकाल: दोपहर लगभग 1:41 से 3:00 बजे (गुरुवार के लिए)।
यमगंड: सुबह 7:14 से 8:32 बजे।
गुलिक काल: सुबह 9:49 से 11:07 बजे।
Disclaimer:- उपरोक्त लेख में उल्लेखित सभी जानकारियाँ प्रचलित मान्यताओं और धर्म ग्रंथों पर आधारित है। IBC24.in लेख में उल्लेखित किसी भी जानकारी की प्रामाणिकता का दावा नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल सूचना पँहुचाना है।
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