Aaj Ka Panchang 1 April 2026: आज पूर्णिमा की शुरुआत, जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय
Aaj Ka Panchang 1 April 2026: आज पूर्णिमा की शुरुआत, जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय
aj ka panchang/ image source: ibc24
- आज चतुर्दशी से पूर्णिमा शुरुआत
- शाम को करें पूर्णिमा पूजा
- कन्या राशि में चंद्रमा स्थित
Aaj Ka Panchang 1 April 2026: 1 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 07:06 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ हो जाएगा। ऐसे में श्रद्धालु आज शाम के समय पूर्णिमा व्रत और पूजा कर सकते हैं। हालांकि पंचांग के अनुसार आज स्नान और दान का विशेष महत्व नहीं बताया गया है। चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे दिन के ज्योतिषीय प्रभावों में स्थिरता और संतुलन देखने को मिलेगा।
Aaj Ka Panchang: क्या कहता है आज का पंचांग
आज के दिन सूर्योदय सुबह 06:11 बजे और सूर्यास्त शाम 06:39 बजे होगा। वहीं चंद्रमा का उदय शाम 06:11 बजे होगा और चंद्रास्त अगले दिन यानी 2 अप्रैल को सुबह 05:57 बजे होगा। नक्षत्र की बात करें तो उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शाम 04:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद हस्त नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। योग के अनुसार वृद्धि योग दोपहर 02:51 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद ध्रुव योग शुरू होगा। करणों में वणिज करण सुबह 07:06 बजे तक रहेगा, इसके बाद विष्टि करण शाम 07:20 बजे तक और फिर बव करण शुरू होगा।
Panchang 1 April 2026: ये हैं ज के शुभ अशुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त की दृष्टि से आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:39 से 05:25 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और ध्यान के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 02:30 से 03:20 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 06:38 से 07:01 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 08:48 से 10:28 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है। खास बात यह है कि आज सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 04:17 बजे से अगले दिन सुबह तक रहेगा, जो कई कार्यों में सफलता दिलाने वाला योग माना जाता है।
वहीं अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12:25 से 01:59 बजे तक रहेगा, जिसमें कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। यमगण्ड सुबह 07:45 से 09:18 बजे तक और गुलिक काल 10:52 से 12:25 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दुर्मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक रहेगा। भद्रा का प्रभाव सुबह 07:06 बजे से शाम 07:20 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान मांगलिक कार्यों से दूरी बनाना बेहतर रहेगा।
ज्योतिषीय दृष्टि से आज वसंत ऋतु और उत्तरायण का प्रभाव बना रहेगा। विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948 और गुजराती संवत 2082 के अनुसार यह दिन विशेष फलदायी माना जा रहा है। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। कुल मिलाकर 1 अप्रैल का दिन धार्मिक साधना, पूजा और ध्यान के लिए अनुकूल है, खासकर शाम के समय पूर्णिमा पूजा का विशेष महत्व रहेगा।

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