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नई दिल्ली: 18 जनवरी 2026, रविवार को माघ माह की अमावस्या तिथि है, जिसे ‘मौनी अमावस्या’ के नाम से भी जाना जाता है। Aaj Ka Panchang के अनुसार इस दिन विशेष रूप से मौन रहकर तप, ध्यान और भगवान का नाम जप करने की परंपरा है। माघ माह की अमावस्या का महत्व हिंदू धर्म में अत्यधिक है, और यह दिन पुण्य कमाने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, तिल-दान, कम्बल-दान और श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ करना विशेष रूप से शुभ फलदायी माना जाता है।
Aaj Ka Panchang के अनुसार आज का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, जो सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ होगा। इसी प्रकार, योग हर्षण रात 9:11 बजे तक रहेगा, और इसके बाद वज्र योग का आरंभ होगा। करण चतुष्पाद दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा, फिर नाग करण का प्रभाव रहेगा। इन स्थितियों के आधार पर इस दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ समय की अधिकता होगी।
Aaj Ka Panchang के अनुसार ग्रहों की स्थिति इस दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। मकर राशि में सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र के साथ स्थित हैं। चंद्रमा, जो सुबह धनु राशि में रहेगा, शाम 4:41 बजे मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस दिन मीन राशि में शनि की उपस्थिति रहेगी, जबकि मिथुन राशि में बृहस्पति और राहु केतु का प्रभाव रहेगा। इन ग्रहों की स्थिति से यह दिन धार्मिक कार्यों, ध्यान और साधना के लिए उपयुक्त साबित हो सकता है।
Aaj Ka Panchang के अनुसार सूर्य आज सुबह 7:15 बजे उदय होगा और शाम 5:49 बजे अस्त होगा। चंद्रमा का उदय नहीं होगा क्योंकि यह अमावस्या की तिथि है और चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। चंद्रास्त आज शाम 5:20 बजे होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 34 मिनट 3 सेकंड और रात की लंबाई 13 घंटे 25 मिनट 43 सेकंड होगी।
| समय | शुभ समय | अशुभ समय |
|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक | – |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 12:10 से 12:53 बजे तक | – |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 2:17 से 3:00 बजे तक | – |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 5:46 से 6:13 बजे तक | – |
| राहुकाल | – | शाम 4:29 से 5:49 बजे तक |
| यमगण्ड | – | दोपहर 12:32 से 1:51 बजे तक |
| गुलिक काल | – | सुबह 7:15 से 8:34 बजे तक |
Aaj Ka Panchang के अनुसार मौनी अमावस्या का दिन विशेष रूप से ध्यान और साधना के लिए उपयुक्त है। इस दिन मौन रहकर अपनी आत्मा की शांति और मानसिक स्थिरता को बढ़ाने के लिए ध्यान करना चाहिए। इसके साथ ही तिल, कम्बल और अन्य दान करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन विशेष रूप से गंगा स्नान करने का महत्व है, हालांकि यदि गंगा के पास जाना संभव न हो, तो घर में पवित्र जल से स्नान करने का भी महत्व है।
मौनी अमावस्या का दिन साधना, तपस्या, और भगवान के प्रति भक्ति को प्रगाढ़ करने का उत्तम अवसर है। इस दिन पर धार्मिक कार्यों, व्रतों और पूजा अर्चना से आत्मिक उन्नति प्राप्त की जा सकती है। इस दिन विशेष रूप से परिवार और समाज की भलाई के लिए प्रार्थना करने और समाजिक कार्यों में योगदान देने का भी महत्व है।