Aaj Ka Panchang 22 March 2026: रविवार, 22 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो रात्रि 09:16 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। नवरात्रि का आज चौथा दिन है और यह दिन मां कुष्मांडा की पूजा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां कुष्मांडा की आराधना से जीवन में ऊर्जा, सकारात्मकता और सही दिशा का संचार होता है। आज का दिन साधना, संयम और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है।
Aaj Ka Panchang: क्या कहता है आज का पंचांग ?
ज्योतिषीय दृष्टि से आज चंद्रमा मेष राशि में स्थित है और भरणी नक्षत्र में गोचर कर रहा है, जो रात्रि 10:42 बजे तक प्रभावी रहेगा। भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह है, जबकि इसके देवता यमराज माने जाते हैं। यह नक्षत्र व्यक्ति को जिम्मेदार, अनुशासित और सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। आज के दिन लोग अपने कर्तव्यों को गंभीरता से निभाने की ओर प्रेरित होंगे, जिससे दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
आज वैधृति योग का भी संयोग बन रहा है, जो दोपहर 03:42 बजे तक रहेगा। इस योग में व्यक्ति को अपने व्यवहार में संतुलन और सहजता बनाए रखने की सलाह दी जाती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत और स्पष्ट सोच आपको सम्मान दिला सकती है। यदि मन में किसी प्रकार की नकारात्मकता या तनाव उत्पन्न हो, तो उसे आत्म-सुधार का अवसर मानकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना अधिक लाभकारी रहेगा।
Panchang 22 March 2026: ये हैं आज के शुभ अशुभ मुहूर्त
आज के शुभ मुहूर्तों की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना फलदायी हो सकता है। इसके अलावा सायं 06:17 बजे से 07:46 बजे तक अमृत काल रहेगा, जो विशेष रूप से लाभकारी समय माना जाता है।
वहीं, अशुभ समय में राहुकाल सायं 05:02 बजे से 06:33 बजे तक रहेगा, जिसमें कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करने से बचना चाहिए। गुलिकाल सायं 03:31 बजे से 05:02 बजे तक और यमगण्ड दोपहर 12:28 बजे से 01:59 बजे तक रहेगा। इन समयों में सावधानी बरतना और महत्वपूर्ण निर्णयों को टालना बेहतर रहेगा।
सूर्योदय प्रातः 06:23 बजे और सूर्यास्त सायं 06:33 बजे होगा। चंद्रोदय प्रातः 08:15 बजे और चंद्रास्त रात्रि 10:15 बजे निर्धारित है। सूर्य वर्तमान में मीन राशि में स्थित हैं, जो संवेदनशीलता और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देता है, जबकि चंद्रमा मेष राशि में होने से उत्साह और ऊर्जा का संचार होता है।