(Akshaya Tritiya 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया को आखा तीज भी कहा जाता है। हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और शुभ दिनों में से एक माना जाता है। यह वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए सभी शुभ कार्य, दान और पूजा का फल कभी समाप्त नहीं होता और हमेशा बढ़ता रहता है।
इस दिन को इतना शुभ माना जाता है कि किसी भी नए कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार शुरू करना या वाहन खरीदने के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ भी कहा जाता है। जिसमें हर शुभ काम स्वतः सफल माना जाता है।
अक्षय तृतीया का संबंध कई पौराणिक घटनाओं से जुड़ा है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। साथ ही भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। महाभारत काल में पांडवों को सूर्य देव से अक्षय पात्र मिला था, जिससे कभी भोजन खत्म नहीं होता था।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल को सुबह 7:49 बजे तक रहेगी। चूंकि यह तिथि दो दिनों में फैली हुई है। इसलिए लोगों में तारीख को लेकर भ्रम बना हुआ है। हालांकि परंपराओं के अनुसार 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाना अधिक उचित माना गया है।
देश के अलग-अलग शहरों में अक्षय तृतीया के दिन पूजा का समय अलग-अलग है। नई दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव में सुबह 10:49 से 12:20 तक मुहूर्त है। मुंबई, पुणे और अहमदाबाद में यह समय लगभग 10:49 से 12:34–12:39 तक है। कोलकाता में सबसे छोटा मुहूर्त 11:36 तक है।
| शहर | पूजा का शुभ मुहूर्त |
| नई दिल्ली | सुबह 10:49 बजे से 12:20 बजे तक |
| गुड़गांव | सुबह 10:49 बजे से 12:21 बजे तक |
| नोएडा | सुबह 10:49 बजे से 12:20 बजे तक |
| मुंबई | सुबह 10:49 बजे से 12:38 बजे तक |
| चेन्नई | सुबह 10:49 बजे से 12:08 बजे तक |
| अहमदाबाद | सुबह 10:49 बजे से 12:39 बजे तक |
| हैदराबाद | सुबह 10:49 बजे से 12:15 बजे तक |
| कोलकाता | सुबह 10:49 बजे से 11:36 बजे तक |
| बेंगलुरु | सुबह 10:49 बजे से 12:19 बजे तक |
| चंडीगढ़ | सुबह 10:49 बजे से 12:22 बजे तक |
| जयपुर | सुबह 10:49 बजे से 12:26 बजे तक |
| पुणे | सुबह 10:49 बजे से 12:34 बजे तक |
अक्षय तृतीया पर दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन अन्न, जल, कपड़े, जूते और गाय का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और पुण्य कभी नष्ट नहीं होता और इसका फल हमेशा बना रहता है, जिससे जीवन में धन और सौभाग्य बढ़ता है।