Asian Games Selection Trials/ Image SOURCE : X Handle
Asian Games Selection Trials: नई दिल्ली: विनेश फोगाट एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में महिलाओं के 53 किलोवर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से 4-6 से हारकर बाहर हो गई। इस हार के साथ ही विनेश की वापसी की और जापान के आइची नागोया में इस साल के आखिर में होने वाले एशियाई खेलों में जगह बनाने की उम्मीदें भी ध्वस्त हो गई । इससे पहले विनेश ने अपने बरसों के अनुभव को झोंकते हुए बेहद आक्रामक निशु को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
पहले मुकाबले में ज्योति को 7-1 से हराने वाली विनेश को निशु ने कड़ी टक्कर दी और 5-0 की बढत बना ली। पहले ही पीरियड में चार अंक की बढत लेकर उन्होंने विनेश को लगभग चित ही कर दिया था लेकिन विनेश संभल गई । यह मुकाबला भावनाओं से भरा था लेकिन इसमें कई चुनौतियां और स्क्रीन की तकनीकी खराबी जैसी दिक्कतें भी आईं। (Asian Games Selection Trials) इसके चलते मिले लंबे ब्रेक ने विनेश को राहत दी । वह तकनीकी रूप से अब भी कुशल हैं, लेकिन मैट से लंबे समय तक दूर रहने का असर उनकी सहनशक्ति पर जरूर पड़ा है। विनेश ने दूसरे पीरियड में शानदार वापसी करते हुए चार अंक बनाये और निशु को मैट पर पटक दिया । विनेश ने निशु को अपनी जकड़ में ले लिया।
Asian Games Selection Trials: उनके कोच कॉर्नर में बैठे उनके पति सोमबीर राठी और समर्थकों ने ‘पिन’ (प्रतिद्वंद्वी को पीठ के बल लिटाकर मैट पर कुछ समय के लिये दबा देना) की मांग की। रैफरी के फैसले को चुनौती दी गई और यह फैसला दिया गया कि रैफरी ने गलत सीटी बजाई थी लेकिन विनेश को ‘पिन’ का नतीजा नहीं दिया गया। निशु को जमीन पर लेटा दिया गया हालांकि वह इसका फायदा नहीं उठा सकी । दो अंक और लेकर विनेश ने 6-5 की बढत बना ली लेकिन निशु ने स्कोर 6-6 कर दिया । निशु ने विनेश को गिराने की कोशिश की लेकिन उन्हें अंक नहीं मिले। उनके कोच ने फैसले को चुनौती दी लेकिन नाकाम रहे। (Asian Games Selection Trials) इससे स्तब्ध निशु ने रैफरी और विनेश से हाथ नहीं मिलाया और बहुत देर तक मैट पर रोती रही। इस बीच अंतिम पंघाल ने सिर्फ 34 सेकंड में तन्नु को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। इसके बाद उन्होंने मानसी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। फाइनल में अंतिम का सामना विनेश से हो सकता है।
इससे पहले शनिवार सुबह आधिकारिक वजन-माप के दौरान घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आया जब दो बार की विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश को सूचित किया गया कि, उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि उन्होंने पेरिस ओलंपिक सहित अपनी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी भार वर्ग में भाग लिया था। (Asian Games Selection Trials) विनेश ने इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताया और आरोप लगाया कि उन्हें अपनी पसंद के भार वर्ग में उतरने से रोककर महासंघ उनके साथ भेदभाव कर रहा है। मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने हस्तक्षेप किया और विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल में भी भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, ‘‘ विनेश के आरोप लगाने के बाद हमने अधिकारियों को उनका वजन मापने की अनुमति दी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहते। उन्होंने यह नहीं बताया था कि वह किस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं, फिर भी हम उन्हें अनुमति दे रहे हैं।’’
Asian Games Selection Trials: इसके बाद विनेश का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल कर लिया गया। (Asian Games Selection Trials) ट्रायल की तैयारी के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में विनेश ने कहा कि वह अभी कम से कम दो वर्षों तक प्रतिस्पर्धी कुश्ती जारी रखने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां कम से कम दो साल तक रहूंगी।’’
यह फैसला डब्ल्यूएफआई के लिए अपने पूर्व रुख से पीछे हटने जैसा माना जा रहा है। महासंघ अब तक यही कहता रहा था कि हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने और भार वर्ग परिवर्तन की औपचारिक सूचना न देने के कारण विनेश पर केवल उसी श्रेणी में विचार किया जाएगा। यह मामला पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ था। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने डब्ल्यूएफआई को निर्देश दिया था कि विनेश को एक ‘प्रतिष्ठित खिलाड़ी’ के रूप में मान्यता देते हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी जाए। विनेश हालांकि अपने करियर में 53 किलोग्राम सहित कई भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं और वह ट्रायल में इसी वर्ग में भाग लेना चाहती थी। ट्रायल के विजेता को इस वर्ष आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
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