Raksha Bandhan 2023: भाई बहन के पवित्र प्रेम का पर्व रक्षाबंधन आज पूरे देश में बनाया जा रहा है, यह पर्व कल भी मनाया जा सकता है। वहीं इस पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखियां बांधती हैं, लेकिन आपको हम बता दें कि इस दिन देवताओं को राखी बांधने का भी विधान है, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन बहनों के भाई नहीं होते वो भी देवों को भाई मान कर राखी बांध सकती हैं, अलग-अलग लोग अलग-अलग देवताओं को राखी बांधती हैं, लेकि सवाल यह है कि रक्षाबंधन पर सबसे पहले किस देवता को राखी बांधनी चाहिए? तो हम आपको इस लेख में यही बताने जा रहे हैं।
धर्म की मान्यताओं के अनुसार सबसे पहले प्रथम पूज्य भगवान गणेश को राखी बांधने का विधान है, जिन बहनों के भाई हैं वो भी भगवान गणेश को राखी बांध सकती हैं, और जिनके भाई नहीं हैं वो भी भगवान गणेश को भाई मान रक्षाबंधन के दिन उन्हें रक्षासूत्र बांध सकती हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता है, ऐसे में जो भी बहनें रक्षाबंधन पर उन्हें राखी बांधती हैं भगवान गणेश उनके जीवन के सभी कष्ट, कलेश और विघ्न को हर लेते है, इतना ही नहीं, उनकी कृपा सदैव ऐसी बहनों पर बनी रहती है।
इस दिन सुबह स्नान के बाद बहनों को भगवान गणेश के सुंदर सजाई हुई राखी की थाली चढ़ानी चाहिए, फिर उनके माथे पर कुमकुम लगा कर अक्षत लगाना चाहिए, इसके बाद, राखी बांध कर उनकी आरती उतारनी चाहिए और उन्हें लड्डू का भोग लगाना चाहिए, इस दौरान मन में उनसे जीवन भर खुद के रक्षा की मनोकामना करनी चाहिए, ऐसा करने से हमेशा उनका आशीर्वाद बहनों पर बना रहता है।
रक्षाबंधन के दिन भद्रा होने के कारण राखी बांधना कब शुभ रहेगा इस बात को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति है। 30 अगस्त को भद्रा रात 09 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगी। भद्रा के पूरे दिन होने के कारण राखी बांधने की मनाही रहेगी। ऐसे में 30 अगस्त को रात 09:02 मिनट के बाद ही राखी बांधना शुभ रहेगा।
राखी बांधने का उत्तम मुहूर्त-
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 30 अगस्त को राखी रात 09 बजकर 02 मिनट के बाद से रात 12 बजे तक बांधी जा सकेगी। इसके बाद 31 अगस्त को सूर्योदय से सुबह 07 बजकर 05 मिनट तक राखी बांधना शुभ रहेगा।Raksha Bandhan 2023: सबसे पहले इस भगवान को बांधें राखी, जिन बहनों के भाई नहीं वे जरूर करें ये काम, दूर होंगी बाधाएं
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