Show such artwork on the matki of Janmashtami

जन्माष्टमी की मटकी पर दिखाएं ऐसी कलाकारी, प्रसन्न करने के लिए कर लें ये उपाय

जन्माष्टमी की मटकी पर दिखाएं ऐसी कलाकारी, प्रसन्न करने के लिए कर लें ये उपाय Show such artwork on the matki of Janmashtami

Edited By: , August 17, 2022 / 11:09 AM IST

Krishna Janmashtami 2022: जन्माष्टमी की तारीख नजदीक आ चुकी है। भगवान श्रीकृष्ण में आस्था रखने वालों के लिए ये सबसे बड़ा त्यौहार है। इस शुभ अवसर पर सभी के घर में तैयारियां शुरू हो चुकी होंगी। जन्माष्टमी की सजावट को लेकर कुछ लोग बहुत क्रिएटीव होते हैं। घर को ऐसे सजाते हैं कि लोग देखकर खुशी से तारीफ करते नहीं थकते। जन्माष्टमी की मटकी इस सजावट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां हम आपको कुछ अच्छी कलाकारी बताएंगे जिससे आप माखनचोर कान्हा की मटकी को खूबसूरती से सजा सकते हैं।

Read more: 17 अगस्त इन कारणों से वृश्चिक राशि वालों का हो सकता है नुकसान, जानिए क्या कहते हैं आपके सितारे

पेंटिंग से सजाएं मटकी
कान्हा की मटकी को सजाने का एक आसान तरीका ये है कि उस पर आप कई रंगों और पैटर्न के साथ ड्राइंग बना सकते हैं। इसके साथ ही उसे रेड या गोल्डन जैसे शेड के बेस के साथ तैयार कर सकते हैं। कान्हा की मटकी पर उनकी तस्वीर, मोर पंख या बांसुरी की खूबसूरत पेंटिग भी बना सकते हैं।

मोतियों का करें उपयोग
मोतियों का इस्तेमाल कर आप मटकी की खूबसूरती में चार चांद लगा सकते हैं। रेड या गोल्डन जैसे शेड के बेस के साथ तैयार मटकी पर मोतियों की झालर लगा सकते हैं। पहले आप पेंसिल की मदद से एक खास डिजाइन तैयार करें फिर उन पर सभी मोतियों को गोंद की मदद से चिपका दें। इससे उसकी खूबसूरती और बढ़ जाएगी।

दें यूनीक लूक
ये माखन की मटकी को सजाने का आसान और यूनीक तरीका है। अगर कलाकारी आपको मुश्किल लग रही है, तो ये तरीका आपके लिए है और ये कान्हा की मटकी को बहुत सुंदर लूक देगी। इसके लिए आप लाल रंग के गोटा पट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। कान्हा की बांसुरी भी इसी से सजाए और उसे मटकी के साथ रखें।

Read more: राजधानी में मिले कोरोना के इतने नए केस, 3 की मौत, पॉजिटिविटी रेट 19%के पार 

जन्माष्टमी पर ब्रह्म मुहूर्त में करें स्नान
Matki of Janmashtami: धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आपको ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4 बजे उठ जाना चाहिए और नित्य क्रिया से निवृत होने के बाद स्नान करना चाहिए। इसके साथ ही हाथ में गंगाजल और तुलती के पत्ते हाथ में लेकर दिन में जन्माष्टमी व्रत के दौरान होने वाली वाली किसी भी भूल के लिए पहले ही ईश्वर से क्षमा याचना कर लेनी चाहिए।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की एक साथ करें पूजा
हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक जन्माष्टमी पर कान्हा जी के बाल रूप के साथ-साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि भगवान विष्णु को कमल के फूल बेहद प्रिय होते हैं। इसलिए घर के दरवाजों को कमल के फूल से सजाना चाहिए और साथ ही उनकी पूजा में भी ये फूल अर्पित करने चाहिए। इन उपायों से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं और भक्तों के घर को धन-धान्य से भरपूर कर देते हैं।

और भी है बड़ी खबरें…