Vat Savitri Vrat 2026 Date: इस बार वट सावित्री व्रत पर बन रहा दुर्लभ योग, जानें कब और कितने बजे है शुभ समय

Vat Savitri Vrat 2026 Date: वट सावित्री व्रत सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है और यह ज्येष्ठ अमावस्या को मनाया जाता है। वहीं, इस वर्ष व्रत पर दुर्लभ योग बन रहे हैं।

Vat Savitri Vrat 2026 Date: इस बार वट सावित्री व्रत पर बन रहा दुर्लभ योग, जानें कब और कितने बजे है शुभ समय

(Vat Savitri Vrat 2026 Date/ Image Credit: AI generated)

Modified Date: May 5, 2026 / 06:33 pm IST
Published Date: May 5, 2026 6:19 pm IST
HIGHLIGHTS
  • वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाओं का महत्वपूर्ण व्रत है
  • इस साल 16 मई 2026 को मनाया जाएगा
  • शनि जयंती और अमावस्या का दुर्लभ संयोग बनेगा

नई दिल्ली: Vat Savitri Vrat 2026 Date: वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को रखा जाता है। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं। यह व्रत पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए किया जाता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में यह व्रत अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे अमावस्या को, जबकि मध्य और दक्षिण भारत में ज्येष्ठ पूर्णिमा को मनाया जाता है।

इस वर्ष व्रत में बन रहा विशेष योग

इस बार वट सावित्री व्रत बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। इसी दिन शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या का भी संयोग बन रहा है। जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है। साथ ही इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग का भी निर्माण हो रहा है। ये योग धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माने जाते हैं और व्रत के फल को और बढ़ा देते हैं।

वट सावित्री व्रत 2026 की तिथि

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 5:11 बजे शुरू होगी और 17 मई को रात 1:30 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार वट सावित्री व्रत 16 मई शनिवार को मनाया जाएगा। इसी दिन महिलाएं व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करेंगी और वट वृक्ष की परिक्रमा करेंगी।

शुभ योग और नक्षत्र का समय

इस दिन सुबह से लेकर 10:26 बजे तक सौभाग्य योग रहेगा। जिसके बाद शोभन योग शुरू होगा। सौभाग्य योग को बहुत शुभ माना जाता है जो सुख और समृद्धि बढ़ाता है। नक्षत्र की बात करें तो भरणी नक्षत्र सुबह से शाम 5:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। ये सभी संयोग इस व्रत को और अधिक विशेष बनाते हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त और समय

वट सावित्री व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:07 से 4:48 बजे तक रहेगा जो स्नान और पूजा की तैयारी के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। सूर्योदय सुबह 5:30 बजे होगा। अभिजीत मुहूर्त 11:50 से 12:45 बजे तक रहेगा। जबकि शुभ मुहूर्त 7:12 से 8:54 बजे तक रहेगा। इसके अलावा चर मुहूर्त दोपहर 12:18 से 2:00 बजे तक रहेगा। जिसमें भी पूजा करना शुभ माना जाता है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।