उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद सीएए लागू किया गया- पटेल

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उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद सीएए लागू किया गया- पटेल

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  • Publish Date - March 12, 2024 / 05:52 PM IST,
    Updated On - March 12, 2024 / 05:52 PM IST

भोपाल, 12 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के मंत्री प्रहलाद पटेल ने मंगलवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) की आलोचना करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि इस अधिनियम को उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद लागू किया गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत शरणार्थियों का सम्मान करता है लेकिन घुसपैठियों के खिलाफ है।

केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सोमवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए)-2019 को लागू करने की घोषणा की।

कानून को पारित किये जाने के चार साल बाद केंद्र के इस कदम के कारण पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आने वाले गैर-मुस्लिम लोगों को नागरिकता प्रदान करने का रास्ता साफ हो गया है।

इसके साथ ही अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार इन तीन देशों के प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता देना शुरू कर देगी।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि यह अधिनियम संविधान के खिलाफ है और सत्तारूढ़ भाजपा पर ‘हर मुद्दे पर हिंदुओं और मुसलमानों को विभाजित करने’ का आरोप लगाया।

पीटीआई-भाषा से बात करते हुए पटेल ने कहा, ”मैं सीएए लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह रातों रात नहीं हुआ है बल्कि संसद के दोनों सदनों ने लंबी चर्चा के बाद इस कानून को पारित किया है। इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी। पूरी प्रक्रिया में एक साल से अधिक का समय लग गया।”

उन्होंने कहा कि यह सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

पटेल ने कहा, ‘यह किसी की नागरिकता छीनने के के लिये नहीं है बल्कि नागरिकता देने वाला कानून है। यह भारत की भूमि का मूल तत्व है कि हम शरणार्थियों का सम्मान करते हैं लेकिन घुसपैठियों के खिलाफ हैं।’

सीएए को दिसंबर, 2019 में संसद में पारित किया गया था और बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी। लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये थे। विपक्षी दलों ने कानून के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुये इसे ‘भेदभावपूर्ण’ बताया।

यह कानून अब तक लागू नहीं हो सका था क्योंकि इसके कार्यान्वयन के लिए नियमों को अब तक अधिसूचित किया जाना बाकी था।

भाषा दिमो रंजन

रंजन