ओवैसी ने मप्र सरकार पर निशाना साधा, कहा- घर पर बुलडोजर चलाना राज्य प्रायोजित सांप्रदायिकता
ओवैसी ने मप्र सरकार पर निशाना साधा, कहा- घर पर बुलडोजर चलाना राज्य प्रायोजित सांप्रदायिकता
भोपाल, 24 अगस्त (भाषा) एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक हिंदू संत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति के घर को ढहाए जाने को शनिवार को ‘राज्य प्रायोजित सांप्रदायिकता’ करार दिया।
ओवैसी बृहस्पतिवार को शहजाद अली के घर को ढहाए जाने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
रामगिरी महाराज द्वारा की गई कथित इस्लाम विरोधी टिप्पणी के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की ओर से आहूत विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पथराव किया और वाहनों को नुकसान पहुंचाया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष ने पुलिसकर्मियों पर पथराव और अली के घर को ढहाए जाने की निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब एक प्रतिनिधिमंडल (रामगिरी महाराज द्वारा) इस्लाम विरोधी टिप्पणी के खिलाफ ज्ञापन सौंप रहा था, तब पथराव किया गया।
ओवैसी ने एक वीडियो में कहा, ‘पत्थरबाजी की घटना के एक दिन बाद अली का घर गिरा दिया गया, जबकि उसने दावा किया था कि उसके पास घर के लिए कानूनी अनुमति थी। वैध अनुमति के अभाव में स्थानीय प्रशासन को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था।’
उन्होंने पूछा कि क्या अली के घर को गिराने से पहले उसे नोटिस दिया गया था। हैदराबाद के सांसद ने दावा किया कि छतरपुर पुलिस ने कुछ आरोपियों की परेड कराई और उन्हें नारे लगाने के लिए मजबूर किया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘सरकार कानून से चलती है, न कि भीड़ तंत्र से। वहां जो हुआ वह भीड़ तंत्र का प्रदर्शन था। घर को गिराना राज्य प्रायोजित सांप्रदायिकता है।’
ओवैसी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संविधान का सम्मान करने का नाटक करते हैं, क्योंकि भाजपा सरकारें इसका उल्लंघन कर रही हैं।
भाषा दिमो नोमान
नोमान

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