ड्रेसिंग रूम के अच्छे माहौल से कप्तान सूर्यकुमार को नहीं होती कठिन फैसले लेने में परेशानी

ड्रेसिंग रूम के अच्छे माहौल से कप्तान सूर्यकुमार को नहीं होती कठिन फैसले लेने में परेशानी

ड्रेसिंग रूम के अच्छे माहौल से कप्तान सूर्यकुमार को नहीं होती कठिन फैसले लेने में परेशानी
Modified Date: February 14, 2026 / 09:06 pm IST
Published Date: February 14, 2026 9:06 pm IST

कोलंबो, 14 फरवरी (भाषा) भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि ड्रेसिंग रूम का सकारात्मक माहौल उन्हें रणनीतिक लचीलापन अपनाने और टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कठिन फैसले लेने का आत्मविश्वास देता है।

उनका जवाब हालांकि सामान्य था लेकिन संकेत इस ओर था कि टी20 विश्व कप में सलामी बल्लेबाज की भूमिका के लिए पहले चुने गए संजू सैमसन की जगह ईशान किशन को मौका दिया गया।

पाकिस्तान के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर सूर्यकुमार ने कहा, “माहौल खिलाड़ियों से और ड्रेसिंग रूम से शुरू होता है। मैदान पर जो दिखता है, वह उसी का परिणाम है। हम अभ्यास सत्र में समय कैसे बिताते हैं, साथ में फिल्म देखते हैं, साथ में खाना खाते हैं, माहौल बहुत अच्छा है।”

गेंदबाजी इकाई में भी लचीलापन दिखा। अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में प्रभावशाली रहे मोहम्मद सिराज को नामीबिया के खिलाफ जसप्रीत बुमराह के लिए जगह खाली करनी पड़ी।

सूर्यकुमार ने कहा, “इस प्रारूप में लचीलापन बहुत जरूरी है। अगर किसी मैच में किसी खास गेंदबाज के खिलाफ ‘मैच-अप’ अच्छा है तो उसे खिलाना चाहिए। अगले मैच में किसी दूसरे गेंदबाज का ‘मैच-अप’ बेहतर हो तो उसे मौका मिलना चाहिए।”

उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रखने वाले कुलदीप यादव को भी मौका मिल सकता है।

उन्होंने कहा, “यह कोई द्विपक्षीय श्रृंखला या फ्रेंचाइजी क्रिकेट नहीं है, जहां वापसी के लिए समय मिलता है। विश्व कप में आपको उसी दिन कठिन फैसला लेना होता है। अगर किसी ने अच्छा प्रदर्शन किया है तो उसे समझाना भी पड़ता है।”

सूर्यकुमार ने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी समझदार हैं और एक ही लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं, जिससे कड़े फैसले लेना आसान हो जाता है।

उन्होंने कहा, “फैसला मुश्किल होता है, लेकिन जब सभी की सोच एक जैसी हों तो काम आसान हो जाता है।’’

कप्तान के रूप में उन्होंने खुद के लचीले दृष्टिकोण पर भी जोर देते हुए कहा, ‘‘मैं हर दिन अलग रहना चाहता हूं। इस शानदार गेंदबाजी इकाई के साथ मैं तयशुदा योजना लेकर मैदान में नहीं उतरना चाहता। हर दिन नई योजना बनाना चाहता हूं।”

पावरप्ले में जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी नहीं कराने के फैसले पर उन्होंने कहा, “यह सोचना ज्यादा जरूरी है कि उस दिन क्या काम करेगा। अगर बुमराह को तीन ओवर फेंकने हैं तो वह तीन ओवर फेंकेंगे। अगर एक ओवर पहले और तीन बाद में करना है, तो वैसा करेंगे। जिस दिन जो काम करेगा, उसी तरह गेंदबाजों का उपयोग होगा।”

उन्होंने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के संयोजन को लेकर माना कि फैसला कठिन है।

सूर्यकुमार ने कहा, “हमारे पास बुमराह, अर्शदीप और सिराज जैसे अच्छे तेज गेंदबाज हैं और स्पिनर भी मजबूत हैं। 2025 के एशिया कप में हमने बड़े मैदान और इसी तरह की पिच पर जो संयोजन अपनाया था, वैसा ही यहां भी हो सकता है। यह सुखद सिरदर्द है, लेकिन किसी अच्छे गेंदबाज या स्पिनर को बाहर रखना कठिन फैसला होता है।’’

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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